जनवरी 2017 से जुलाई 2017 तक पासपोर्ट से जुड़े कई बड़े नियम बदल दिए गए हैं। यहां एक साथ जानिए सभी सात नए नियम और जल्दी से पासपोर्ट बनवा लिजिए।
दरअसल, भारतीयों के लिए अब पासपोर्ट बनवाना और भी आसान हो गया है। सरकार ने पासपोर्ट बनवाने के लिए बर्थ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब आधार कार्ड और पैन कार्ड को बर्थ सर्टिफिकेट के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है।
चंडीगढ़ में एक अधिकारी के मुताबिक, पहले पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र देना जरूरी थी। एक जनवरी 1989 के पहले जन्मे लोगों को यह सर्टिफिकेट देना होता था, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं होगी। अब आधार कार्ड, पैन कार्ड, मान्यता प्राप्त शैक्षणिक बोर्ड से जारी की गई मार्कशीट, स्कूल की टीसी, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड और एलआईसी पॉलिसी बॉन्ड को भी जन्म प्रमाण पत्र के रूप में जमा किया जा सकता है।
दूसरा नियम, अब 8 साल से कम और 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को पासपोर्ट फीस में 10 फीसदी की छूट दी जाएगी। तीसरा नियम ये कि पासपोर्ट बनवाने के लिए सरकारी कर्मचारी अपना सर्विस रिकॉर्ड, पेंशन रिकॉर्ड भी दे सकते हैं। अब सरकारी कर्मचारी को पासपोर्ट बनवाने के लिए सिर्फ खुद का घोषणापत्र देना होगा।
चौथा नियम, ऑनलाइन आवेदन करने वाला अब एक ही अभिभावक या कानूनी अभिभावक का नाम दे सकता है। इससे सिंगल पैरेंट के होते हुए भी बच्चे का पासपोर्ट बनवाने में मदद मिलेगी। पहले आवेदन में पिता का नाम देना अनिवार्य था, अब यह जरूरी नहीं है।