‘कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि के मान का है। हम लहराएंगे हर जगह यह तिरंगा, नशा ये हिंदुस्तान की शान का है...।’
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पति के संकल्प को अब पूरा करेंगी हिम वीरांगनाए
देश भक्ति के संकल्प के साथ कुछ हिम वीरांगनाएं राष्ट्रहित के लिए अपने पति की ओर से देखे गए अधूरे सपने को पूरा करने के लिए निकल पड़ी हैं। यह महिलाएं लगातार 44 सप्ताह की कठिन ट्रेनिंग के बाद देश की सरहदों की रक्षा के लिए अलग-अलग जगहों पर तैनात होंगी।
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पति के संकल्प को अब पूरा करेंगी हिम वीरांगनाए
हम बात कर रहे हैं उन विधवा महिलाओं की जिनके पति देश की सेवा करते हुए प्राणों की आहुति दे चुके हैं। अब उसी संकल्प को पूरा करने के लिए यह महिलाएं आगे आईं हैं। ऐसी पांच महिलाओं ने पंचकूला के भानू स्थित भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार को देश सेवा की शपथ ली।
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पति के संकल्प को अब पूरा करेंगी हिम वीरांगनाए
अब यह महिलाएं बर्फीली चुनौतियों को भी मात देने में सक्षम हैं, क्योंकि इन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम बनाने के लिए कठोर प्रशिक्षण दिया गया है। इन महिलाओं का कहना है कि इनके पति अक्सर इनसे कहा करते थे कि ‘कुछ करना ही है तो देश के लिए करो।’ ऐसी जिंदगी का कोई मतलब नहीं।
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बच्चे भी देश सेवा के लिए सरहद पर तैनात होंगे : ज्योति देवी
माता पिता की तरह बच्चे भी देश सेवा के लिए सरहद पर तैनात होंगे। यह कहना है हिमाचल प्रदेश कांगड़ा की रहने वाली ज्योति देवी का। ज्योति ने पति के निधन के बाद उनके अधूरे सपने को पूरे करने के लिए भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल का हिस्सा बनी हैं।