नोटबंदी के बाद से दुखी व्यापारियों को मोदी सरकार ने GST का तोहफा दिया है, जिसके लिए आज से रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। देखिए, पूरी प्रक्रिया।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक अप्रत्यक्ष कर है। जीएसटी के तहत वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान टैक्स लगाया जाता है, जहां जीएसटी लागू नहीं है, वहां वस्तुओं और सेवाओं पर अलग-अलग टैक्स लगाए जाते हैं। जीएसटी लागू होने पर सबसे ज्यादा फायदा आम आदमी को है, क्योंकि पूरे देश में एक समान दरें लागू होंगी।
कंपनियों का झंझट और खर्च भी कम होगा। व्यापारियों को सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। अलग-अलग टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा तो सामान बनाने की लागत घटेगी, इससे सामान सस्ता होने की उम्मीद भी है। आम जनता जो अभी सामान खरीदते वक्त उस पर 30-35% टैक्स के रूप में चुकाते हैं। जीएसटी लागू होने के बाद ये टैक्स घटकर 20-25% रहने की उम्मीद है तो इसका सबसे बड़ा फायदा आम जनता को ही मिलेगा।
जीएसटी के लागू होने के बाद टैक्स चोरी रुक जायेगी। इसका सीधा असर देश की जीडीपी पर पड़ेगा। फिलहाल भारत देश में 20 तरह के टैक्स लगते हैं और जीएसटी आने के बाद सब टैक्स हटकर एक टैक्स लागू होगा, वो है जीएसटी। सभी उद्योगपति-व्यापारी जीएसटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ऐसे रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
इसके लिए जीएसटी पोर्टल पर जाना होगा, जहां अपना नाम, कारोबार समेत जरूरी दस्तावेज अटैच कर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। जरूरी जानकारी दर्ज कराने के बाद चार दिन में रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। इसकी सूचना एसएमएस, ई-मेल से व्यापारी को मिल जाएगी। व्यापारी 31 दिसंबर तक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसके बाद 1 अप्रैल, 2017 से जीएसटी लागू होने के बाद नए कानून के तहत कर व्यवस्था चलेगी।