OMG! हादसे में बिगड़े चेहरे को देखिए कैसे डॉक्टर्स ने संवारा?
एक साल पहले जिस महिला की खूबसूरती को एक कटाई की मशीन ने बिगाड़ दिया था। उसकी खूबसूरती को वापस लाने में पीजीआई प्लास्टिक सर्जरी के डाक्टर कामयाब रहे हैं। करीब एक साल पहले पीजीआई की इमरजेंसी में 30 वर्षीय महिला गंभीर हालत में आई थी। किचन मैन्युफैक्चरिंग की फैक्टरी में काम करने के दौरान कटाई मशीन में उसका दुपट्टा व बाल फंस गए थे।
OMG! हादसे में बिगड़े चेहरे को देखिए कैसे डॉक्टर्स ने संवारा?
इससे महिला के बाल सहित खोपड़ी की खाल, आंखों की भौहें, पलकें और कान का 20 फीसदी हिस्सा उखड़ कर मशीन में फंस गया था। पीजीआई प्लास्टिक सर्जरी के डाक्टरों की लंबी मेहनत ने न सिर्फ उसे बचा लिया है, बल्कि वह महिला की पुरानी खूबसूरती को भी वापस लौटाने में कामयाब हो गए हैं। महिला के सिर पर नए बाल आ गए हैं। घटना के बाद परिजन सीधे उसे पीजीआई लेकर आए थे।
OMG! हादसे में बिगड़े चेहरे को देखिए कैसे डॉक्टर्स ने संवारा?
परिजनों ने तो एक बार सोच लिया था कि महिला का बचना मुश्किल है, लेकिन जब महिला ठीक होकर आई तो उसे पता नहीं था कि उसका किस डाक्टर ने इलाज किया है। प्लास्टिक सर्जरी डे पर जब एचओडी डा. आरके शर्मा ने बताया कि उसका इलाज डाक्टर सुनील गाबा ने किया है तो महिला ने डाक्टर का पैर पकड़ लिया और कहा कि आप भगवान से बढ़कर हैं।
OMG! हादसे में बिगड़े चेहरे को देखिए कैसे डॉक्टर्स ने संवारा?
पीजीआई के प्लास्टिक डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर सुनील गाबा ने बताया कि इस केस को ऑपरेट करने में दो टीमें लगाई गईं थीं। एक टीम ने खोपड़ी के निकले हिस्से पर काम किया। क्योंकि मशीन में फंसने से उसमें धूल और ग्रीस थी। जिसे बहुत सावधानी से साफ किया गया। माइक्रोस्कोप की मदद से नसों को ढूंढा गया। खून की नसें बहुत पतली थीं, जिन्हें ढूंढ पाना आसान नहीं था। यही इस केस की यूएसपी है। नसों को ढूंढने के बाद सबसे पहले उसे जोड़ा गया, ताकि महिला के बाल और भौहें दोबारा से आ सकें।
OMG! हादसे में बिगड़े चेहरे को देखिए कैसे डॉक्टर्स ने संवारा?
दूसरी टीम ने महिला को संभाला। पहले उसकी ब्लीडिंग रोकी गई। फिर खून चढ़ाया गया। बीपी कंट्रोल होने के बाद उसकी सर्जरी की गई। करीब सात घंटे की मेहनत के बाद आपरेशन कामयाब हो पाया। इस सर्जरी के कामयाब होने के पीछे सबसे बड़ी वजह महिला का समय पर पहुंचना और कटे हिस्से को संभालकर लाना था। कई बार लोग कटे हिस्से को बर्फ या ठंडे पानी में रखकर लाते हैं। इससे अंग खराब हो जाता है।