शहीद की बीवी का फूटा दर्द, पहले बुलाते हैं, फिर रुलाते हैं
चंडीगढ़ में हुए नाइलिट हादसे में शहीद हुए एयरफोर्स के फायरफाइटर की बीवी का दर्द आखिरकार फूट ही पड़ा। उन्होंने प्रशासन पर कड़े कमेंट किए। देखिए, क्या बोलीं वो।
शहीद की बीवी का फूटा दर्द, पहले बुलाते हैं, फिर रुलाते हैं
शहीद हुए एयरफोर्स के फायरफाइटर रविंदर की पत्नी सवित्रा रानी कहती हैं कि पति की मौत के बाद से हम हर चीज को मोहताज हैं। प्रशासन नौकरी देता नहीं। सलामी देने के नाम पर समारोह में बुलाता है और हमें रुलाता है। हमारे आंसू रुकते नहीं हैं।
शहीद की बीवी का फूटा दर्द, पहले बुलाते हैं, फिर रुलाते हैं
सवित्रा रानी कहती हैं कि प्रशासन की ओर से जो वायदे किए गए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं किया है। परिवार को सिर्फ स्वतंत्रा दिवस, गणतंत्र दिवस और फायर डे पर बुला लिया जाता है और वहां पर अधिकारी दो मिनट का भाषण देकर परिवार को रुला कर चले जाते हैं, समारोह में उनकी तस्वीरे खींच ली जाती है।
शहीद की बीवी का फूटा दर्द, पहले बुलाते हैं, फिर रुलाते हैं
नगर निगम ने शहीद के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा देने और बेटे धीरज को नौकरी देने का प्रस्ताव पास किया था लेकिन प्रशासन ने इसे अभी तक मंजूरी नहीं दी। सवित्रा रानी के अनुसार कोई ऐसा अधिकारी और नेता नहीं बचा है, जिससे बेटे के लिए नौकरी न मांगी हो। अभी तीन महीने पहले एयरफोर्स ने विधवा पेंशन देनी शुरू की है।
शहीद की बीवी का फूटा दर्द, पहले बुलाते हैं, फिर रुलाते हैं
घटना के बाद जब शहीद रविंदर कुमार के शव का अंतिम संस्कार किया गया था तो पूर्व सलाहकार केके शर्मा ने दावा किया था कि उनके बच्चों की पढ़ाई निशुल्क दी जाएगी लेकिन निशुल्क तो दूर पिछले साल बेटी मनीष शर्मा को ग्याहरवी में दाखिल के लिए मां और चाचा को काफी भटकना पड़ा। जब सरकारी स्कूल में दाखिल नहीं मिला तो सेक्टर-37 में एक निजी स्कूल में दाखिला दिलवाया।