मेरा बेटा श्रीभगवान (शेरू) शेर जैसा था। बचपन से ही उसका सपना देश सेवा करने का था। मुझे मेरे बेटे की शहादत पर गर्व है। शहीद सैनिक श्रीभगवान की मां कृष्णा यह कहकर भावुक हो गईं। तीन दिसंबर को पेट्रोलिंग के दौरान उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए श्रीभगवान का मंगलवार को उनके पैतृक गांव खुडाना बास में अंतिम संस्कार किया गया।
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शहीद सैनिक श्रीभगवान को सलाम
पांच साल के बेटे लवेश उर्फ लक्की ने अपने शहीद पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान 8 गार्ड की टुकड़ियों ने शस्त्र झुकाकर अंतिम सलामी दी। शहीद की अंतिम विदाई में बूढ़़े से लेकर बच्चों तक की आंखें नम हो गई। शहीद की मां कृष्णा ने बताया कि घटना से आधे घंटा पहले उनके पास फोन आया था।
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शहीद सैनिक श्रीभगवान को सलाम
मुझे आंखों से कम दिखाई देने लगा है उसके लिए बेटा कह रहा था मां दो-तीन दिन में ही आंखों का ऑपरेशन करवा ले.. देरी मत करना। पिता राजपाल का हार्ट का ऑपेरशन पिछले वर्ष करवाया था उनके बारे में भी पूछा कि तबीयत कैसी है। शहीद का शव लेकर पहुंचे जवान ईश्वर सिंह एवं नेमीचंद ने बताया कि 3 दिसंबर को दोपहर 2.30 बजे अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में लगभग 30 जवान पेट्रोलिंग कर रहे थे।
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शहीद सैनिक श्रीभगवान को सलाम
अचानक उनकी गाड़ी फंस गई इतनी ही देर में घात लगाकर कर बैठे उग्रवादियों ने उन पर हमला बोल दिया। जवानों ने भीजबावी कार्रवाई की, जिसमें कई उग्रवादी मारे गए। इस दौरान श्रीभगवान को गोली लगी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन मौत हो गई।
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शहीद सैनिक श्रीभगवान को सलाम
सभी का साथ लेकर चलता था-
भाई प्रदीप ने बताया कि उसके पिता राजपाल पांच वर्ष पूर्व असम राइफल सेना से नायब सुबेदार के पद से सेवानिवृत हुए हैं। हम चार भाई थे बड़ा भाई हरिओम आसाम राइफल में ही सैनिक था। 2006 में वह छुट्टी आया था। भिवानी के पास सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी। श्रीभगवान 2004 में सेना में भर्ती हुआ था। वह सब को साथ लेकर चलता था।