पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसी के साथ उनको लेकर चल रहे सभी कयासों पर भी विराम लग गए हैं। आइए जानते हैं सिद्धू के इस्तीफा देने की पांच बड़ी वजह के बारे में...
नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफा देने के पीछे पांच बड़ी वजह, पाक की भी है भूमिका!
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1- पाक आर्मी चीफ से गले मिलना
करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के मौक पर पाक पीएम इमरान खान ने नवजोत सिंह सिद्धू को पाकिस्तान आने का न्योता दिया था। नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान गए और वहां पर पाक आर्मी चीफ जनरल बावजा के गले मिले। इसे लेकर राष्ट्रीय राजनीति गर्म हो गई थी। वहीं पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी सिद्धू द्वारा बावजा को गले मिलने की अलोचना की थी। हालांकि, उन्होंने पाक जाने के सिद्धू के फैसले को निजी बताया था।
2- राहुल गांधी हमारे कैप्टनः
सिद्धू के एक बयान से पंजाब की राजनीति और गरमा गई थी। दरअसल पाक यात्रा के बाद सिद्धू ने कहा था कि राहुल गांधी के कहने पर पाकिस्तान गए थे। हालांकि बाद में उन्होंने बयान से यू-टर्न ले लिया था और कहा था कि राहुल गांधी के कहने पर नहीं, बल्कि इमरान खान का न्योता मिलने पर पाकिस्तान गए थे। इसके बाद सिद्धू ने कहा था कि कैप्टन, कौन कैप्टन, मुझे तो मेरे कैप्टन राहुल गांधी ने पाकिस्तान भेजा था। सिद्धू के इस बयान पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री तृप्त रजिंदर बाजवा ने कहा था कि राहुल गांधी अकेले सिद्धू के नहीं बल्कि पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के भी कैप्टन हैं। जिस तरह सिद्धू द्वारा बयान दिया गया है, उस हिसाब से उन्हें पंजाब कैबिनेट से इस्तीफा देकर वहां चले जाना चाहिए। बाजवा के अलावा सुखजिंदर सिंह सरकारिया और ब्रह्म मोहिंदरा ने भी सिद्धू से इस्तीफा मांगा है।
3- मंत्रिमंडल में फेरबदलः
सिद्धू के पद से इस्तीफा देने की सबसे बड़ी वजह मंत्रिमंडल में फेरबदल को माना जा रहा है। दरअसल, लोकसभा चुनाव के ठीक बाद ही पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू से शहरी निकाय के साथ पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग वापस ले लिया था और उन्हें ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग का प्रभार सौंपा था। इसके बाद से सिद्धू नाराज चल रहे थे और कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हो रहे थे। यहां तक उन्होंने अपना नया मंत्रालय भी नहीं संभाला था।
4- पत्नी के आरोपः
सिद्धू की पत्नी और कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू ने लोकसभा चुनाव के बाद आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पार्टी महासचिव पंजाब प्रभारी आशा सिंह ने पुख्ता इंतजाम किया था कि उन्हें अमृतसर संसदीय सीट से टिकट न मिले। दरअसल सिद्धू की पत्नी चंडीगढ़ या अमृतसर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहती थीं। हालांकि पार्टी उन्हें बठिंडा लोकसभा से टिकट ऑफर कर रही थी। इन सभी बयानों के बाद से ही कैप्टन और सिद्धू के बीच दूरियां बढ़ने लग गईं थीं।