हड्डियां कंपा देने वाली ठंड में रोते-बिलखते बच्चे और उनके चिखते मां-बाप को देखकर भी उनका दिल नहीं पसीजा। वे एक के बाद एक आशियाना तबाह करते चले गए।
यहां इंसानियत हुई शर्मसार, भीषण ठंड में गरीबों को कर दिया बेसहारा
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जिला प्रशासन आश्रितों और बेसहारा लोगों के लिए कहर बनकर टूट रहा है। आए दिन शहर में बेसहारा लोगों पर हो रही ऐसी कार्रवाई से लोगों में डीसी के खिलाफ रोष है। हैरानी की बात है कि प्रशासन रैन बसरे बनाने के बजाय इस ठंड में बेसहारा लोगों के तंबू हटाकर उन्हें बच्चों सहित भगा रहा है। हुडा के अधिकारी ऐसी मनमानी पर उतर आए हैं कि वह झुग्गियां तोड़ने में जुटे हैं।
हाड़ कंपा देने वाली ठंड में शुक्रवार को भी सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे हुडा के दस्ते कार्रवाई की। वहीं शाम को हुई बारिश के बाद बढ़ी ठंड से इन लोगों के बीमार होने की आशंका जताई जा रही है। सेक्टर-2 एमडीसी में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने पहुंचा। जहां 40 से 50 लोग झुग्गी डालकर गुजारा कर रहे थे।
यह हुडा के अधिकारियों को रास न आया और अतिक्रमण हटाने के नाम पर तंबू और झुग्गियां उजाड़ डाली। इस दौरान ठंड में छोटे छोटे बच्चे रोते रहे। महिलाएं परेशान होती रहीं और हुडा के अधिकारी कार्रवाई करते रहे। हुडा के राज में केवल आश्रितों और बेसहारा लोगों पर ही कार्रवाई होती दिख रही है। लेकिन शहर में नेता, व्यापारी और उद्योगपतियों द्वारा किए गए अवैध कब्जे की बात पर हुडा के अधिकारी चुप रहते हैं।
2 जनवरी के दिन भी कुछ इसी प्रकार का मंजर पंचकूला के माजरी चौक पर देखने को मिला था। जब हुडा के अधिकारी कब्जा हटाने पहुंचे। उस दिन भी हुडा के कर्मचारियों ने केवल बेसहारा लोगों पर कार्रवाई की। लेकिन नेता व व्यापारियों द्वारा माजरी चौक पर किए गए अवैध कब्जे से दूर ही रहे।