शताब्दी एक्सप्रेस में सफर करने वाले लोगों के लिए फ्लेक्सी फेयर से जुड़ी जरूरी खबर है। दरअसल, फेयर को लेकर एक सच सामने आया है, जिसे शायद सभी लोग नहीं जानते।
एक अप्रैल 2019 से कालका-नई दिल्ली शताब्दी से फ्लेक्सी फेयर हटा दिया गया है। बावजूद इसके आईआरसीटीसी की वेबसाइट से ट्रेन की टिकट बुकिंग करवाने पर फ्लेक्सी फेयर का पूरा पैसा यात्रियों से वसूला जा रहा है। वहीं, काउंटर पर टिकट बुकिंग करवाएं तो फ्लेक्सी फेयर नहीं लग रहा। ऐसे में यात्रियों में इसको लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
बता दें कि रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा ट्विटर पर घोषणा के बाद 6 नवंबर 2018 को रेलवे बोर्ड द्वारा सर्कुलर जारी किया गया था। इसके मुताबिक, 15 मार्च 2019 से ऐसी ट्रेनों से फ्लेक्सी फेयर पूरी तरह से हटा लिया गया था, जिनमें 50 फीसदी से कम सीटों की बुकिंग होती थी। इसके अलावा सभी ट्रेनों के लिए फ्लेक्सी फेयर की अधिकतम सीमा को टिकट के आधार मूल्य के 1.5 गुणा के बजाय 1.4 गुणा तक कर दिया गया था।
पंचकूला सेक्टर-10 निवासी मनीष गुप्ता ने बताया कि वह अपने परिवार के छह सदस्यों के लिए टिकट बुकिंग करा रहे थे। 7 अप्रैल को शाम की कालका-नई दिल्ली शताब्दी में चंडीगढ़-दिल्ली तक चेयर कार के लिए टिकट बुकिंग कराते समय उसमें फ्लेक्सी फेयर आ रहा था। जब उन्हें फ्लेक्सी फेयर हटाने का लाभ नहीं मिला तो उन्हें मजबूरन अगले दिन की जन शताब्दी में अपने परिवार के सदस्यों की टिकट बुकिंग करानी पड़ी। उसी दिन अमर उजाला की ओर से फ्लेक्सी फेयर का रियलिटी चेक किया गया तो आईआरसीटीसी की साइट पर फेयर शो कर रहा था।
आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर यात्रियों को फ्लेक्सी फेयर शो हो रहा है। इसका मतलब या तो साइट अपडेट नहीं है, या फिर कोई तकनीकी खराबी हो सकती है। फिलहाल इस सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को रेलवे स्टेशन के टिकट बुकिंग काउंटर्स तक जाना पड़ेगा। बता दें कि चंडीगढ़ से नई दिल्ली शताब्दी का किराया फ्लेक्सी फेयर के चलते 900 रुपये तक पहुंच रहा था। इवनिंग शताब्दी में रात के खाने की व्यवस्था है, उसका फ्लेक्सी फेयर हटने के बाद 590 तक पहुंच गया है। वहीं, सुबह की कालका-नई दिल्ली शताब्दी का फेयर भी 580 रुपये के आसपास है।