पाकिस्तान जाकर धर्म बदलकर शादी करने वाली भारतीय महिला किरण बाला की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। दरअसल, एक नया सच सामने आया है।
सिख जत्थे में पाकिस्तान गई किरण बाला ने भले ही वहां धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम युवक से निकाह कर लिया हो, लेकिन पाकिस्तान की नागरिकता पाने के लिए उसे भारत में रह रहे अपने नजदीकी रिश्तेदारों की सूची देनी होगी। यह सूची उसकी मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। पाकिस्तान के ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार वह पाक मीडिया को बता चुकी है कि उसके पति की मौत हो चुकी है और उससे कोई औलाद नहीं है।
जबकि किरण बाला के ससुर तरसेम सिंह ने उसके तीन बच्चों की जानकारी भारतीय मीडिया को दी है। पाकिस्तानी नागरिकता कानून 1951 की धारा 10 (2) के मुताबिक पाकिस्तानी व्यक्ति के साथ निकाह करने वाली विदेशी महिला को नागरिकता हासिल करने के लिए जो दस्तावेज जमा करवाने पड़ते हैं, उनमें अपने मूल देश में रहने वाले तमाम रिश्तेदारों की सूची भी चस्पा करनी होती है। ऐसे में किरण बाला को भी यह सूची सौंपनी होगी।
सबकी नजरें इस पर टिकी है कि इस सूची में वह अपने किन-किन रिश्तेदारों को शामिल करेगी। अपने तीनों बच्चों को भी शामिल करेगी या नहीं। हालांकि वह बेऔलाद होने की बात कह चुकी है। किरण बाला का मामला इन दिनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। पाकिस्तानी मीडिया भी उसके पूर्व पति से तीन बच्चे होने की बात कह रहा है। फिर नागरिकता दिए जाने से पहले दी गई जानकारी की गोपनीय जांच-पड़ताल भी की जाती है।
ऐसे में भारतीय रिश्तेदारों की सूची में उसने अपने बच्चों का नाम शामिल नहीं किया तो किरण बाला की मुश्किलें बढ़ सकती है। बड़ा सवाल यह भी है कि किरण बाला का झूठ सामने आने पर भी क्या पाकिस्तान उसकी नागरिकता पर मुहर लगाएगा। हालांकि भारतीय महिलाओं को धर्म परिवर्तन और निकाह करने के बाद नागरिकता देने के मामले में पाकिस्तान की नीति अब तक उदार रही है।