फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ चुका है। अब रियो ओलंपिक में जमैका के उसैन बोल्ट को चुनौती देने जा रहा है। पढ़े इस खिलाड़ी का पूरा प्रोफाइल।
मिल्खा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ चुका है, ओलंपिक में बोल्ट के साथ दौड़ेगा, पढ़ें प्रोफाइल
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हरियाणा जिले के भारतीय धावक धर्मबीर सिंह का प्रोफाइल
- फोटो : फाइल फोटो
बात हो रही है, हरियाणा में रोहतक जिले के अजायब गांव निवासी धर्मबीर सिंह की। इस होनहार धावक ने बंगलूरू में इसी महीने आयोजित इंडियन ग्रां प्री में 20.45 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था। बोल्ट ने 2009 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में 200 मीटर फर्राटा रेस में 19.19 सेकेंड का समय निकाल कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। बोल्ट के ही नाम 100 मीटर फर्राटा रेस (9.58 सेकेंड) में भी वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
मिल्खा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ चुका है, ओलंपिक में बोल्ट के साथ दौड़ेगा, पढ़ें प्रोफाइल
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हरियाणा जिले के भारतीय धावक धर्मबीर सिंह का प्रोफाइल
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धर्मबीर सिंह ओलंपिक की इस स्पर्धा में 36 साल में क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय हैं। धर्मबीर कहते हैं कि उसेन बोल्ट के साथ दौड़ने में कोई दिक्कत नहीं है। उसेन बोल्ट मेरे लिए एक अन्य प्रतिस्पर्धी होंगे। मैं वहां इसलिए नहीं जाऊंगा कि मुझे बोल्ट से मिलने का मौका मिलेगा। मेरा ध्यान इस समय अपनी तैयारी पर है। मुझे लगता है कि मैं रियो में 20 सेकेंड के बैरियर को तोड़ सकता हूं।
मिल्खा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ चुका है, ओलंपिक में बोल्ट के साथ दौड़ेगा, पढ़ें प्रोफाइल
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धर्मबीर सिंह ने 2015 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का 21.6 सेकेंड का 200 मीटर का रिकॉर्ड 20.7 सेकेंड में तोड़ा था। लंदन ओलंपिक में उसैन बोल्ट ने 200 मीटर को 19.32 सेकेंड में पूरा करके गोल्ड जीता था। जबकि धर्मबीर ने 20.45 सेकेंड में 200 मीटर की बाधा पार करके ओलंपिक का टिकट लिया है जो बोल्ट के रिकॉर्ड से 1.13 सेकेंड पीछे है।
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धर्मबीर अजायब गांव निवासी किसान श्रद्धानंद के बेटे हैं। घर की हालत इतनी नाजुक है कि बस पेट भर सकता है। इन्हीं, मुश्किल हालातों में धर्मबीर सिंह ने 2001 में दौड़ना शुरू किया और दौड़ता चला गया। धर्मबीर कभी LIC की पॉलिसी बेचकर गुजारा करते थे और ट्रेनिंग का खर्च निकालते थे। इसके लिए उन्हें महीने के 16 हजार रुपए मिलते थे। हालांकि यह भी उनके लिए कम पड़ता था, क्योंकि उनके ट्रेनिंग पर हर महीने लगभग 40 हजार रुपए खर्च होते थे।