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देश की तीनों सेनाओं की इस ताकत को देखकर थर्रा जाएंगे दुश्मन, देखिए खासियतें
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 17 May 2017 10:08 AM IST
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सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस
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भारतीय सेना के तीनों अंगों की इस ताकत को देखकर अब दुश्मन थर्रा जाएगा। इसकी खूबियां इतनी हैरान कर देने वाली हैं कि जानकर आपको फक्र महसूस होगा।
सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस
सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस अब देश में जल, थल और वायु सेना की ताकत को और बढ़ाएगी। इससे दुश्मन देशों को भी थर्राना पड़ेगा। मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के अंतर्गत ब्रह्मोस एयरोस्पेस केविशेषज्ञ इसमें जुटे हैं। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के वैज्ञानिकों ने अमर उजाला को बताया कि ब्रह्मोस मिसाइल को अपग्रेड किया जा रहा है, बहुत जल्द इसे सेना की तीनों विंग को सौंप दिया जाएगा।
सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस
थल सेना को सौंपी जाने वाली अपग्रेडेड सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस अब दुश्मन पर घना (काफी भीतर तक) प्रहार करेगी। मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस केअधीनस्थ ब्रह्मोस एरोस्पेस के वैज्ञानिकों ने रिसर्च के बाद इस सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस की रेंज को काफी बढ़ाया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के एक सीनियर वैज्ञानिक ने बताया कि अभी तक इसकी मिसाइल की रेंज 290 किमी थी, लेकिन अब इसकी मारक रेंज को 450 किमी किया गया है।
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सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस
विशेषज्ञों ने ब्रह्मोस मिसाइल के साफ्टवेयर को अपग्रेड किया है। इसका वजन (कैनेस्टर समेत) 3.9 टन है, बिना कैनेस्टर के वजन 3 टन है। इसके वजन केसाथ साफ्टवेयर को अपग्रेड कर इसकी मारक रेंज को 160 किमी अधिक बढ़ाया गया है। ब्रह्मोस से जल सेना (नेवी) अब पानी से पानी ही नहीं, बल्कि पानी से जमीन पर भी मार करेगी। इसकी मारक रेंज फिलहाल 290 किमी ही रहेगी।
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सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस
खास बात यह कि इस सुपरसोनिक मिसाइल को नेवी अब पानी के भीतर से जमीन पर मौजूद टारगेट पर निशाना साधेगी। इस तरह भारत ‘सी-टू लैंड’ अटैक करने वाले दुनिया के चुनिंदा देशों के क्लब में भी शामिल हो जाएगा। सीनियर साइंटिस्ट ने बताया कि दरअसल नेवी को सौंपे जाने वाली इस मिसाइल में सी-टू-लैंड का एक खास साफ्टवेयर वर्जन मिसाइल में इंस्टाल किया गया है।