अब युद्ध जैसे हालात या किसी आपदा या किसी इमरजेंसी से निपटने के लिए इंडियन एयरफोर्स एक खास प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जानिए।
दरअसल, उत्तर भारत में इंडियन एयरफोर्स के इमरजेंसी ऑपरेशन में वक्त बर्बाद नहीं होगा। ऑपरेशन में जुटे एयरफोर्स के विमानों को चंद मिनट में ही अब रनवे पर ही तेल मिलेगा ताकि विमानों में रिफ्यूलिंग में वक्त बर्बाद किए अपने सैन्य अभियानों को जारी रख सकें। इस सुविधा के तहत विमानों को रनवे छोड़कर रिफ्यूलिंग स्टेशन तक नहीं जाना पड़ेगा।
रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत जल्द ही इंडियन एयरफोर्स व इंडियन ऑयल कारपोरेशन उत्तर भारत के लॉजिस्टिक नोड कहे जाने वाले चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन को इस खास सुविधा हाइड्रेंट्स रिफ्यूलिंग सिस्टम से लैस करेगा। एयरफोर्स स्टेशन में रनवे अपग्रेडेशन के दौरान इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया गया है। नए रनवे निर्माण के दौरान ही इस योजना के तहत रिफ्यूलिंग के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइनें बिछाई जा रही हैं।
सैन्य अभियानों को मिलेगी और गति
सन 1961 में चंडीगढ़ एयरबेस का निर्माण इसलिए किया गया था ताकि उतर भारत के खासकर जम्मू एवं कश्मीर के रिमोट एरिया व पंजाब के अतिसंवेदनशील एरिया में जल्द से जल्द सैन्य जवानों की टुकड़ियों और हथियारों को विमानों के जरिए पहुंचाया जा सके। युद्ध जैसे हालात बनने पर विमानों को इन इलाकों में जवानों की तैनाती के अलावा हथियारों व रसद सामग्री लगातार पहुंचानी पड़ती है।
साथ ही उत्तर भारत के विभिन्न इलाकों में आपदा के समय भी सैन्य अभियानों में एयरफोर्स विमानों एवं हेलिकॉप्टरों की अहम भूमिका रहती है। ऐसे सैन्य अभियानों में लगे विमानों और हेलिकॉप्टरो को बार-बार रिफ्यूलिंग की जरूरत पड़ती है, जिससे एयरफोर्स स्टेशन के भीतर ही फ्यूल स्टेशन तक जाकर तेल भरवाना पड़ता है। लेकिन अब चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन में हाइड्रेंट रिफ्यूलिंग सिस्टम शुरू होने से इन विमानों व हेलिकॉप्टरों को रनवे पर ही कुछ मिनटों में फ्यूल मिल जाएगा।