कैश जमा कराने या निकालने के लिए बैंक कर्मचारी से सैटिंग करने की कोशिश दोनों को भारी पड़ सकती है। ये वार्निंग देख लें।
बैंक में सेटिंग करने की कोशिश की तो वो भी नपेंगे आप भी, देख लें वार्निंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ में बैंकों में धोखाधड़ी के मामलों पर नकेल कसने के लिए आरबीआई ने पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। किसी बैंक के खिलाफ अगर कोई छोटी से छोटी शिकायत भी आती है तो उस पर पूरी तरह से पड़ताल आरबीआई कर रही है। अगर बैंक किसी तरह की गलत कार्रवाई करते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। वैसे शहर से अभी तक कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है।
एचडीएफसी बैंक में एक केस सामने आया था। इसमें ब्रांच मैनेजर समेत चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। आरबीआई के रिजनल डायरेक्टर निर्मल चंद ने बताया कि उनके अधिकारी बैंकों के लेनदेन पर पूरी नजर रखे हुए हैं। आरबीआई के अधिकारी दिन में चुपचाप बैंकों में जाकर वहां की गतिविधि पर नजर रखते हैं। बैंक में आए लोगों से भी बातचीत कर पता लगाने की कोशिश की जाती है कि बैंक में किस तरह से काम हो रहा है। बैंक आरबीआई की गाइड लाइंस का पालन कर रहे है या नहीं।
पीयू व कालेजों में परीक्षा जल्द शुरू होनी है। छात्रों के हाथों में किताबें होनी चाहिए तो वह रुपयों के लिए एटीएम की लाइनों में लगे हैं। सोमवार को पीयू बीए आनर्स की छात्रा वर्तिका ने बताया कि पिछले कई दिनों से वह लाइनों में लगने को मजबूर हैं। इससे उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पीजी का किराया देने के लिए भी रुपये नहीं हैं। रोज दो से तीन घंटे लाइनों में बिताने पड़ते हैं।
डीएवी की छात्रा अपर्णा ने बताया कि नोटबंदी के बाद से पूरा सिस्टम गड़बड़ा गया है। परीक्षा सिर पर है पर पढ़ाई से ज्यादा ध्यान एटीएम पर लगाना पड़ रहा है। कौन से सेक्टर में एटीएम चल रहा है, कहां लाइन कम। इसके बाद लाइन में लगने पर दो से तीन घंटें तो खराब हो जाते हैं। सेक्टर-17 लाइन में लगे एमए के छात्र शिमित ने बताया कि 13 दिसंबर से परीक्षाएं शुरू होंगी। अभी तक फीस भरने के लिए 12,700 रुपये का इंतजाम नहीं हो पाया हैे। इतने रुपये निकालने के लिए एक हफ्ते से लाइनों में लगना पड़ रहा है। परीक्षा तैयारी अभी तक शुरू भी नहीं हो पाई है।