अब सिगरेट की लंबाई और उसका फिल्टर सिगरेट के टैक्स का निर्धारण करेंगे। आप जितनी बड़ी सिगरेट पीएंगे उतना ज्यादा टैक्स चुकाना होगा, देखिए
जीएसटी के लागू होने के बाद सिगरेट पीना आपको महंगा पड़ सकता है। सिगरेट पर टैक्स के लिए जो ढांचा तैयार किया गया है वह कुछ ऐसा ही है।
सिगरेट को ‘निगेटिव गुड्स’ की श्रेणी में रखा गया है। इसमें भी सिगरेट की कई श्रेणियां बनाई गईं हैं जिससे हर प्रकार की सिगरेट पर टैक्स की दरें अलग होंगी।
एक तंबाकू उद्यमी के अनुसार चंडीगढ़ में रोजाना बीस करोड़ रुपये की सिगरेट की खपत होती है। यह औसत चंडीगढ़ की प्रतिदिन होने वाली सभी उत्पादों की खपत का पंद्रह फीसदी है।
चंडीगढ़ में मुख्य रूप से सिगरेट के पचास डिस्ट्रिब्यूटर हैं। इनसे ही शहर के करीब एक हजार से ज्यादा सिगरेट विक्रेता जुड़े हैं। एक सेक्टर में औसतन दस सिगरेट विक्रेता हैं। एक सिगरेट विक्रेता की सेल औसतन पांच हजार रुपये तक है।