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GST के कई नियम अब खुलकर सामने आए, आप भी जानिए फायदे में रहेंगे

Mon, 14 Aug 2017 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 14 Aug 2017 09:19 AM IST
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gst, goods & services tax rules for cloth merchants
जीएसटी - फोटो : Amar Ujala
जीएसटी के कई नियम लोगों को पता हैं, वहीं कई नियम अब खुलकर सामने आए हैं। आप भी जान लीजिए, काफी राहत मिलेगी और नुकसान भी नहीं उठाना नहीं पड़ेगा।
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आप कपड़ा व्यापारी हैं और यदि कपड़ा बेचते हैं तो पांच फीसदी जीएसटी का भुगतान ही करना होगा लेकिन अगर कपड़े को सूट बनाकर सेल किया तो इसमें 12 फीसदी तक टैक्स का भुगतान भी करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, जीएसटी के फार्मूले में अलग अलग कपड़ों और अन्य आइटम प्रोडक्ट का गिफ्ट हैंपर बनाकर बेचने पर आपको उच्चतम जीएसटी का भुगतान करना पड़ सकता है।
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ऑल इंडिया फेडरेशन आफ क्लाथ रिटेलर्स एसोसिएशन द्वारा चंडीगढ़ के होटल जीके इंटरनेशनल में आयोजित सेमिनार में एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों द्वारा ऐसी ही जानकारी कपड़ा व्यापारियों को दी गईं। रेडीमेड और कपड़ा व्यापारी, होलसेल व्यापारियों को बताया गया कि कपड़ा कैसा भी हो, उसके ऊपर पांच फीसदी ही जीएसटी लगेगा।
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यदि कपड़े का सूट बनाकर बेचते हैं तो एक हजार रुपये से कम की कीमत वाले सूट पर पांच फीसदी और एक हजार रुपये से ज्यादा की कीमत वाले सूट पर 12 फीसदी टैक्स लगेगा। इसके साथ ही अधिकारियों ने बताया कि यदि पांच फीसदी, बारह फीसदी और 28 फीसदी वाले प्रोडक्ट को मिलाकर गिफ्ट हैंपर तैयार किया गया तो इन तीनों का सबसे ज्यादा जीएसटी वाले प्रोडक्ट का ही जीएसटी काउंट किया जाएगा। अच्छी बात यह है कि हरेक वस्तु पर इनपुट क्रेडिट मिलना तय है।
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अब आन अप्रूवल माल नहीं
जीएसटी अधिकारियों ने बताया कि अब आन अप्रूवल माल नहीं भेजा जा सकेगा। पहले डेबिट और क्रेडिट नोट पर धंधा हो जाता था और अब ऐसा नहीं हो सकेगा। यदि जिसको माल भेजा गया है और उसका पेमेंट साठ दिन में नहीं आता है तो जीएसटी क्रेडिट वापस लिया जा सकता है। इसके साथ ही यदि 180 दिन तक पेमेंट नहीं होता है तो उसके ऊपर व्याज देना होगा।
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