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GST रिटर्न के बारे में नई जानकारी आई सामने, कोई भी नहीं बताएगा, यहां जानिए
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 12 Mar 2018 09:01 PM IST
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जीएसटी
- फोटो : अमर उजाला
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जीएसटी रिटर्न भरने वालों के लिए बहुत ही जरूरी जानकारी, शायद किसी ने बताई हो और कोई बताएगा भी नहीं। लेकिन हम बता रहे हैं जानिए।
GST
दरअसल, जिन लोगों ने जीएसटी नंबर लिया है, उन्हें हर महीने जीएसटीआर 3-बी फार्म भरना अनिवार्य है। जीएसटीआर 3-बी फार्म में ट्रेडर को खरीदारी और बिक्री का पूरा आंकड़ा पेश करना होता है, जिस पर ट्रेडर्स को टैक्स जमा कराना होता है। सेवाएं मुहैया कराने वाले ट्रेडर्स, कंपोजिशन डीलर, ऑनलाइन सप्लायर और डाटाबेस का काम करने वाले ट्रेडर्स को जीएसटीआर 3बी रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है।
gst
जीएसटीआर 3-बी टाइम पर नहीं भरने पर 18 प्रतिशत पेनल्टी
आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की मानें तो जीएसटी काउंसिल की ओर से तय किया गया है कि समय पर जीएसटीआर 3-बी नहीं भरने पर रेगुलर करदाता को 18 प्रतिशत सालाना के हिसाब से पेनल्टी भरनी पड़ती है। यानी जितने दिन जीएसटीआर 3-बी रिटर्न भरने में करदाता देरी करेंगे, उन्हें हर दिन की पेनल्टी भी जमा करानी होगी।
आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की मानें तो जीएसटी काउंसिल की ओर से तय किया गया है कि समय पर जीएसटीआर 3-बी नहीं भरने पर रेगुलर करदाता को 18 प्रतिशत सालाना के हिसाब से पेनल्टी भरनी पड़ती है। यानी जितने दिन जीएसटीआर 3-बी रिटर्न भरने में करदाता देरी करेंगे, उन्हें हर दिन की पेनल्टी भी जमा करानी होगी।
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जीएसटी रिटर्न में चंडीगढ़ फिर दूसरे स्थान पर
गौरतलब है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रिटर्न फाइल करने और शून्य प्रतिशत पेंडेंसी के चलते चंडीगढ़ को एक बार फिर दूसरा स्थान मिला है। हरियाणा जीएसटी रिटर्न फाइल करने में तीसरे पायदान से खिसकर पांचवें पर चला गया है। पंजाब को जीएसटी रिटर्न समय से भरने पर पूरे देश में पहला स्थान मिला है। चंडीगढ़ आबकारी एवं कराधान विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस समय शहर में करीब 20 हजार जीएसटी नंबर होल्डर हैं जो शहर में ट्रेडिंग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रिटर्न फाइल करने और शून्य प्रतिशत पेंडेंसी के चलते चंडीगढ़ को एक बार फिर दूसरा स्थान मिला है। हरियाणा जीएसटी रिटर्न फाइल करने में तीसरे पायदान से खिसकर पांचवें पर चला गया है। पंजाब को जीएसटी रिटर्न समय से भरने पर पूरे देश में पहला स्थान मिला है। चंडीगढ़ आबकारी एवं कराधान विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस समय शहर में करीब 20 हजार जीएसटी नंबर होल्डर हैं जो शहर में ट्रेडिंग कर रहे हैं।
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जीएसटी
- फोटो : SOCIAL MEDIA
हर महीने करीब 100 करोड़ का टैक्स
चंडीगढ़ आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की मानें तो विभाग को हर महीने टैक्स के रूप में करीब 100 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। विभाग को करीब 706 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में मिल चुके हैं। जीएसटी लागू होने के बाद से जहां शुरुआती दौर में ट्रेडर्स को रिटर्न भरने में दिक्कत आ रही थी और नए सिस्टम को समझने में परेशानी हो रही थी वहीं, अब डिपाटज़्मेंट की मदद से ट्रेडर्स बड़े आसानी से रिटर्न भरने और जीएसटी में डील कर रहे हैं।
चंडीगढ़ आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की मानें तो विभाग को हर महीने टैक्स के रूप में करीब 100 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। विभाग को करीब 706 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में मिल चुके हैं। जीएसटी लागू होने के बाद से जहां शुरुआती दौर में ट्रेडर्स को रिटर्न भरने में दिक्कत आ रही थी और नए सिस्टम को समझने में परेशानी हो रही थी वहीं, अब डिपाटज़्मेंट की मदद से ट्रेडर्स बड़े आसानी से रिटर्न भरने और जीएसटी में डील कर रहे हैं।