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...और अटल बिहारी वाजपेयी पहुंच गए आतंकियों से भिड़ने, हैंडपंप से खींचकर पिलाया था पानी
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली(पंजाब)
Updated Fri, 17 Aug 2018 05:11 PM IST
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Atal Bihari Vajpayee
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इतने दिलेर थे कि एक बार आतंकियों से भिड़ने के लिए मैदान में पहुंच गए थे। जबकि बाकी सभी ने हाथ खड़े कर दिए थे, पढ़ें एक किस्सा...
‘देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बड़े ही साधारण थे। उनके लिए पार्टी के सभी वर्कर एक समान थे। जब 1982 में जम्मू कश्मीर में आरएसएस का अभ्यास वर्ग लगा था। इस दौरान मुझे उनसे पहली बार मिलने का मौका मिला था। वाजपेयी ने अपने हाथ से हैंडपंप से पानी खींचकर मुझे पिलाया था। जिसे वह कभी भूल नहीं सकते।’
यह कहना है बीजेपी के पूर्व मंडल प्रधान रहे डीएस सिंगला का। उन्होंने बताया कि वाजपेयी काफी दिलेर थे। बात 1983 की है, जब आतंकियों ने बटाला घेर लिया था। प्रशासन की तरफ से हाथ खड़े कर दिए गए थे। लेकिन उन्होंने इस माहौल में बटाला जाने का फैसला लिया था। जैसे ही पंजाब सरकार को उनके आने का पता चला तो वहां जाने पर प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन वह प्रतिबंध तोड़कर पंजाब आए थे।
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‘देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बड़े ही साधारण थे। उनके लिए पार्टी के सभी वर्कर एक समान थे। जब 1982 में जम्मू कश्मीर में आरएसएस का अभ्यास वर्ग लगा था। इस दौरान मुझे उनसे पहली बार मिलने का मौका मिला था। वाजपेयी ने अपने हाथ से हैंडपंप से पानी खींचकर मुझे पिलाया था। जिसे वह कभी भूल नहीं सकते।’
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यह कहना है बीजेपी के पूर्व मंडल प्रधान रहे डीएस सिंगला का। उन्होंने बताया कि वाजपेयी काफी दिलेर थे। बात 1983 की है, जब आतंकियों ने बटाला घेर लिया था। प्रशासन की तरफ से हाथ खड़े कर दिए गए थे। लेकिन उन्होंने इस माहौल में बटाला जाने का फैसला लिया था। जैसे ही पंजाब सरकार को उनके आने का पता चला तो वहां जाने पर प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन वह प्रतिबंध तोड़कर पंजाब आए थे।
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atal bihari vajpayee
- फोटो : pti
उनका कहना था कि पंजाब का सबसे ज्यादा दर्द उन्हें है। इनके पंजाब आने के बाद पंजाब पुलिस हरकत में आई और आतंकियों के खिलाफ मुहिम शुरू की। सिंगला ने बताया कि इस दौरान वह भी बटाला गए थे। सिंगला ने बताया कि अटल बिहारी के जाने का उन्हें दुख है। आज देश ने बहुत बड़ा नेता खो दिया है।
वाजपेयी की स्पीच के हो गए थे कायल
बीजेपी के पूर्व जिला प्रधान सुखविंदर सिंह गोल्डी का कहना है कि उन्हें 1995 में अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने का मौका था। उन्होंने बताया कि उस समय चंडीगढ़ युवा मोर्चा में थे। इस दौरान मुंबई में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी हुई थी। इस दौरान उनकी स्पीच सुनकर वह उनके मुरीद हो गए थे।
पहली बार रैली में देखा था अटल जी को करीब से
बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष अरुण शर्मा ने बताया कि 1994-95 में जब जालंधर में अटल जी की रैली हुई थी तो वह जिला युवा मोर्चा के प्रधान थे। वह भी रैली में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने पहली बार अटल जी को करीब से देखा था।
वाजपेयी की स्पीच के हो गए थे कायल
बीजेपी के पूर्व जिला प्रधान सुखविंदर सिंह गोल्डी का कहना है कि उन्हें 1995 में अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने का मौका था। उन्होंने बताया कि उस समय चंडीगढ़ युवा मोर्चा में थे। इस दौरान मुंबई में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी हुई थी। इस दौरान उनकी स्पीच सुनकर वह उनके मुरीद हो गए थे।
पहली बार रैली में देखा था अटल जी को करीब से
बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष अरुण शर्मा ने बताया कि 1994-95 में जब जालंधर में अटल जी की रैली हुई थी तो वह जिला युवा मोर्चा के प्रधान थे। वह भी रैली में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने पहली बार अटल जी को करीब से देखा था।