सलवार सूट पहनकर रिंग में उतरी और द ग्रेट खली की चेली को पीट दिया था, इस कारनामे ने उसे डब्ल्यूडब्ल्यूई तक पहुंचाया। अब वे 'फर्स्ट लेडीज' बन गई हैं।
हरियाणा में जींद जिले के गांव मालवी की रेसलर कविता दलाल को शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने फर्स्ट लेडीज अवॉर्ड से सम्मानित किया। महिला व बाल कल्याण मंत्रालय ने अलग-अलग क्षेत्रों से 112 महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवॉर्ड को फर्स्ट लेडीज नाम दिया गया। राष्ट्रपति भवन में इन महिलाओं का सम्मान किया गया। समारोह में महिला व बाल विकास मंत्री मेनका गांधी भी शामिल थीं।
कविला दलाल के अलावा अवार्ड पाने वालों में बॉलीवुड अदाकारा ऐश्वर्या राय, मंजू (कुली), छवि रजावत (गांव की सरपंच), हर्षिनी कन्हेकर (पहली महिला दमकल कर्मी), सुनालिनी मेनन (एशिया की पहली पेशेवेर महिला कॉफी-टेस्टर) और शतभी बसु (भारत की पहली महिला बार टेंडर) जैसी महिलाओं के नाम भी शामिल रहे। इन्होंने विभिन्न रूढ़ियों को तोड़कर समाज में अपनी विशेष पहचान बनाई।
हार्ड केडी और द ग्रेटी खली की स्टूडेंट पहलवान 30 वर्षीय कविता दलाल देश की पहली महिला पहलवान हैं, जिन्होंने डब्लूडब्लूई में देश का प्रतिनिधित्व किया। कविता दलाल ने अमेरिका के फ्लोरिडा में 13 व 14 जुलाई को हुए wwe के मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इस इवेंट में दुनिया भर के 32 पहलवानों ने भाग लिया था। यह इवेंट सिंगल एलिमिनेशन पर आधारित था।
5 of 12
लेडी खली पहलवान कविता दलाल
कहा जाता है कि कविता रिंग में इतनी फुर्तीली हैं कि एक शेरनी की तरह विपक्षी खिलाड़ी पर टूटती हैं। वह मिनटों में ही फाइट जीतकर बाहर आ जाती हैं। वे रिंग में इतनी मजबूत हैं कि उन्हें हार्ड केडी कहा जाता है। कविता लगातार चार बार सीनियर नेशनल चैंपियन, नेशनल गेम्स में चैंपियन, साउथ एशियन गेम्स में चैंपियन के अलावा वुशु में भी नेशनल और गेम्स चैंपियन रह चुकी हैं।