WWE के पूर्व हैवीवेट चैंपियन द ग्रेट खली की तरह ही भारत के एक और महाबली खिलाड़ी ने अमेरिका में लोहा मनवा दिया है। अब दुनिया भी देखेगी।
बात हो रही है, पंजाब के बरनाला जिले के गांव बल्लोके से एनबीए में खेलने वाले देश के पहले बास्केटबॉल खिलाड़ी बनने का सतनाम सिंह की। सतनाम के कारनामे से अमेरिकी इतने प्रभावित हुए हैं कि उनके ऊपर 90 मिनट की डॉक्यूमेंट्री बना डाली है। उनकी यही डॉक्यूमेंट्री वन ए बिलियन मंगलवार को दुनिया भर में ऑन लाइन रिलीज होने जा रही है। सतनाम को विश्वास नहीं हो रहा है कि अमेरिका के दिग्गज निर्माता और निर्देशक की ओर से उन पर डॉक्यूमेंट्री बनाई गई है।
सतनाम सिंह कहते हैं कि एनबीए के बाकी बचे मैच खेलकर जल्द ही वह इसके प्रचार के लिए भारत आएंगे। डॉक्यूमेंट्री का शीर्षक ही उनकी इस उपलब्धि की कहानी बयां करने के लिए काफी है। अमेरिकी कंपनी ओबीबी पिक्चर्स के प्रेसीडेंट माइकल डिकैटीनर को सतनाम का एनबीए तक पहुंचनने का सफर इतना पसंद आया कि उन्होंने उन पर डॉक्यूमेंट्री तैयार करने का फैसला कर डाला। उन्होंने आरजी टीवी के मालिक और नामी निर्देशक रोमन गैकोस्की को इसके निर्देशन के लिए चुना।
वन ए बिलियन की बात छिड़ने पर सतनाम बल्लोके की पुरानी यादों में खो जाते हैं। किस तरह वह लुधियाना की बास्केटबॉल अकादमी में पहुंचे, जहां उन्हें डॉ. सुब्रमण्यम ने तराशा। यहीं से उनके एनबीए में पहुंचने की इबारत लिखी गई। डॉ. सुब्रमण्यम की कोचिंग के चलते ही उनका चयन आईएमजी रिलायंस की अकादमी में हुआ जहां से वह एनबीए पहुंचे। भारत के सतनाम दिग्गज खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। सतनाम के मुताबिक उनके गांव से लेकर एनबीए तक की कहानी इस डॉक्यूमेंट्री में है।
सतनाम इस वक्त टेक्सास लीजेंड्स के लिए खेल रहे हैं। उनकी इस डॉक्यूमेंट्री पर लगभग दो साल पहले ही काम शुरू हो गया था जो अब बनकर तैयार हुई है। गौरतलब है कि गांव बल्लोकी में जन्मे सतनाम सिंह भामरा एनबीए के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय हैं। उनका जन्म गांव बल्लोकी में 10 दिसंबर 1995 को हुआ था। सतनाम को घर में छोटू के नाम से पुकारा जाता है। पिता बलबीर सिंह बताते हैं कि सतनाम सिंह ने न तो कोई स्पेशल ट्रेनिंग ली है और न ही कोई प्रोफेशनल ट्रेनिंग।