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आज नहीं संभले तो छीन जाएगा कल...क्या मतलब है इसका?

Thu, 25 Jun 2015 03:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 25 Jun 2015 03:02 PM IST
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आज नहीं संभले तो छीन जाएगा कल...क्या मतलब है इसका?

environment protection awareness play by childrens in tagore theatre

अगर इंसान आज नहीं संभला तो आने वाली पीढ़ी का बचपन छीन जाएगा। बहुत गहरा मतलब है इसका। जानने के लिए देखिए आगे की स्लाइड्स।

आज नहीं संभले तो छीन जाएगा कल...क्या मतलब है इसका?

environment protection awareness play by childrens in tagore theatre

10-12 बच्चों के ग्रुप ने खेल-खेल में अपने बड़ों को ऐसी बात सिखा दी कि वे बस देखते रह गए। बच्चों ने बताया कि अगर वह आज नहीं संभले तो आने वाले वक्त में बच्चों का बचपन उनसे छीन जाएगा। उनके खेलने के लिए जगह नहीं होगी और वह केवल मशीन बनकर रह जाएंगे।

आज नहीं संभले तो छीन जाएगा कल...क्या मतलब है इसका?

environment protection awareness play by childrens in tagore theatre

दरअसल, चंडीगढ़ के टैगोर थियेटर में नाटकों का दौर चल रहा है। इनमें छोटे-छोटे बच्चे भी बड़े-बड़े किरदार निभाते हैं। ऐसे ही दो नाटकों कैसे आया बसंत और स्वच्छ मन, स्वच्छ भारत का मंचन किया गया।

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आज नहीं संभले तो छीन जाएगा कल...क्या मतलब है इसका?

environment protection awareness play by childrens in tagore theatre

कैसे आया बसंत नाटक की शुरुआत एक ऐसे गार्डन से होती है जो काफी हराभरा है और उसमें कई फलों के पेड़ हैं। यहां बच्चे रोजाना खेलने आते हैं। लेकिन इस बगीचे का मालिक एक दिन बच्चों को डरा धमकाकर वहां से भगा देता है और बगीचे के चारों ओर ऊंची दीवार खड़ी कर देता है। इसके बाद बच्चों के खेलने कूदने की जगह छिन जाती है। वह मायूस हो जाते हैं।

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आज नहीं संभले तो छीन जाएगा कल...क्या मतलब है इसका?

environment protection awareness play by childrens in tagore theatre

अरसा बीत जाता है लेकिन बगीचे के मालिक को बसंत के आने का पता नहीं चलता। उसका बगीचा सूखने लगता है। वह खुद इससे परेशान हो जाता है और उदास रहने लगता है। एक दिन बच्चे बगीचे की दीवार में से रास्ता देखते हैं। इसके बाद वह फिर से बगीचे में खेलने पहुंच जाते हैं। बच्चों की चहचहाहट और खेलने की आवाज मालिक सुनता है। इसके बाद उसे अहसास होता है कि बिना बच्चों और उनकी हंसी के इस बगीचे का कोई अस्तित्व नहीं है।

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