भगवान शिव के प्रिय मास सावन के पहले सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिवालयों में जलाभिषेक किया। मंदिर कमेटियों की ओर से खीर और मालपुआ का लंगर लगाया गया। शिव भक्त सुबह से ही अपने आराध्य भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए शिवालयों में परिवार सहित पहुंचे। सभी लोगों ने हर-हर महादेव के जयकारों के साथ भगवान का जलाभिषेक किया।
Sawan 2022: सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे मंदिर, लगा खीर-मालपुआ का लंगर
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चंडीगढ़ देवलय पूजक परिषद के संरक्षक और सेक्टर 28 के खेड़ा शिव मंदिर के प्रमुख पुजारी आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री और देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष डॉक्टर लाल बहादुर दुबे ने बताया कि सनातन हिंदू धर्म में सभी महीने, नक्षत्र आदि पूज्य हैं और सभी महीनों व अतिथियों आदि के अधिष्ठात्री देवता भी होते हैं। इसी परंपरा में श्रावण मास संवत का पांचवा महीना पड़ता है। श्रावण मास के अधिष्ठात्री देवता भगवान महादेव महादेव हैं। इसलिए श्रावण में भगवान शिव जी की पूजा सभी श्रद्धालु बड़े ही श्रद्धा व भाव से करते हैं। इस पवित्र महीने में शिव पुराण की कथा सुनना भी अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। उन्होंने कहा कि जो शिव कथा सुनते हैं भगवान गौरी शंकर उस श्रोता के हृदय में आकर के विराजमान हो जाते हैं।
वहीं मोहाली में सुबह चार बजे से ही मंदिरों के कपाट खुल गए। भगवान के दर्शन के लिए लोगों ने लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया। मंदिरों को फूलों और लड़ियों से सजाया गया था। इस दौरान आम से लेकर खास तक ने दर्शन किए। इस दौरान फेज 1 श्री प्राचीन शिव मंदिर, फेज़-2 श्री राधा कृष्ण मंदिर, फेज-4 श्री सनातन मंदिर, फेज़-श्री हरि मंदिर, फेज़-3बी2 श्री लक्ष्मी नारायण हनुमान मंदिर व फेज- 11 का मंदिर शामिल है।
इस वर्ष सावन महीने में चार सोमवार, दो प्रदोष व एक मासिक शिवरात्रि के व्रत होंगे। पवित्र श्रावण मास 12 अगस्त पूर्णिमा को समाप्त होगा। महीने का पहला सोमवार 18 जुलाई, दूसरा सोमवार 25 जुलाई, तीसरा सोमवार 1 अगस्त, आखिरी चौथा सोमवार 8 अगस्त को होगा। शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही शहद, घी, शक्कर, पंचामृत से अभिषेक करें। शुद्ध स्नान कराकर वस्त्र धारण करवाएं एवं यज्ञोपवीत पहनाएं।
पंचकूला में सावन के पहले सोमवार शिवालयों में पूजन के लिए सुबह से ही भक्तों का जनसैलाब उमड़ा। सकेतड़ी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में ज्यादा तादाद में भक्त भोलेनाथ को जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। भगवान शिव के पूजन के लिए सुबह पांच बजे से मंदिर के गेट के बाहर तक भक्तों की कतारें लगी हुई दिखी। सेक्टर-17 के गौरी शंकर मंदिर, सेक्टर-9 के प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर-15 के रघुनाथ मंदिर, सेक्टर-10 स्थित शिव मंदिर सहित सभी मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक हुआ। सुबह से लेकर दोपहर तक भगवान का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक हुआ।