कोरोना के कारण प्रदेश भर में कर्फ्यू लगा है। इसके साइड इफेक्ट सामने आने लगे हैं। पठानकोट के गांव ऐमां गुजरां में पोल्ट्री फार्म में फीड न पहुंचने से मुर्गे एक दूसरे को खा रहे हैं। हालात यह है कि पिछले 2 दिन में 3500 मुर्गे/मुर्गियां मर चुके हैं। इससे पोल्ट्री फार्म को तो नुकसान हुआ ही है, दूसरा पोल्ट्री फार्म से उठ रही बदबू से गांव में महामारी का खतरा पैदा हो गया है।
पठानकोट के गांव ऐमां गुजरां में कपिल सिंह का पोल्ट्री फार्म है। इसमें 4 दिन पहले तक करीब 10 हजार मुर्गे/मुर्गियां थे। लेकिन कर्फ्यू के कारण उनके पास पिछले 5 दिन से फीड नहीं पहुंची। जिसके चलते भूख के मारे मुर्गे मर रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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हर घंटे मर रहे 30 से 35 मुर्गे
पोल्ट्री फार्म मालिक कपिल सिंह का कहना है कि मुर्गे भूख से बेहाल हैं। 2 दिन फीड नहीं मिली तो कुछ मुर्गे मर गए। बाकियों ने उन्हें ही खाना शुरू कर दिया पर अब 5 दिन के भूखे बड़े मुर्गे मुर्गियों को जिंदा ही खाने लगे हैं। हालात यह हैं कि हर घंटे 30 से 35 मुर्गियां मर रहीं हैं। गांव के नंबरदार साहिब सिंह ने बताया कि जिस दिन से मुर्गियों के मरने का सिलसिला शुरू हुआ है, उस दिन से पोल्ट्री फार्म से बदबू उठनी शुरू हो गई है।
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दुकान के बाहर निशान बनवाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
जल्दी ही मरी मुर्गियों को दफन न किया तो कोई नई बीमारी जन्म ले सकती है।पोल्ट्री फार्म मालिक कपिल सिंह का कहना है कि सरकार जरूरी वस्तुओं के वितरण के दावे कर रही है पर उन्हें 21 मार्च के बाद से मुर्गियों की फीड नहीं मिली। उनका किसी प्राइवेट कंपनी के साथ करार हुआ है, अगर वह उनकी परमिशन के बिना मरी मुर्गिंयों को दफन करते हैं तो उन्हें भारी पैनल्टी भुगतनी होगी।
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पंजाब में कर्फ्यू।
- फोटो : अमर उजाला
बार-बार कंपनी अधिकारियों को कहने के बावजूद कोई हल नहीं निकला। जब तक कंपनी अधिकारी इजाजत नहीं देंगे मरी मुर्गियों को दफन नहीं किया जा सकता। बता दें कि पंजाब में जनता कर्फ्यू के बाद लॉकडाउन का एलान प्रदेश सरकार ने किया था। हालांकि लॉकडाउन का व्यापक असर पंजाब में नहीं दिखा। इसके बाद से ही सरकार ने पूरे राज्य में कर्फ्यू लगा दिया। पंजाब में अब तक कोरोना के 31 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं।