ट्राईसिटी की सड़कों पर वो नजारा देखने को मिला, जो ज्यादातर फिल्मों में ही देखा जाता है। तस्वीरों में देखिए पूरा मामला...
दरअसल, चंडीगढ़ के सेक्टर-27-28-29-30 प्वाइंट पर सोमवार को दिनदहाड़े दो छात्र संगठन आपस में भिड़ गए। इस दौरान जमकर कुल्हाड़ियां और तलवारें लहराईं गईं। हमले में छात्र संगठन एनएसयूआई के तीन सदस्य जख्मी हो गए। इनमें एक की हालत गंभीर बताई जाती है। वारदात को अंजाम देने के बाद पंचकूला की ओर भाग रहे एक गुट की फॉर्च्यूनर गाड़ी सकेतड़ी स्थित श्री सीता राम मंदिर के बाहर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक कार के पलटते ही उस पर सवार लोग कारबाइन की तरह दो हथियार और एक पिस्टल लेकर जा रहे थे।
आरोप हैं कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने तलवारें और कुल्हाड़ियों से हमलाकर एनएसयूआई के तीन सदस्यों को घायल कर दिया। पीड़ित ने आरोपियों पर पिस्टल चलाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों सहित अन्य पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने घायल को जीएमसीएच-32 में भर्ती करवाया। हालांकि, इलाज के दौरान डाक्टरों ने घायल की हालत खतरे से बाहर बताई हैं।
पुलिस के अनुसार घायलों की पहचान एसडी कॉलेज के गौरव और बीए प्रथम वर्ष के रोहन और मोहाली के निवासी रजत के रूप में हुई। पीड़ित रोहन ने बताया कि सोमवार सुबह वह अपनी कार से खालसा में एमए प्रवेश प्रक्रिया के बारे में पूछताछ के बाद लौट रहे थे। उसने आरोप लगाया कि जब वे सेक्टर-27-28-29-30 लाइट प्वाइंट पर पहुंचे कि पीछे से एबीवीपी के करीब 10 सदस्य फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर आए। आरोपियों ने तलवारें, लोहे की छड़ और कुल्हाड़ियों से उनकी कार पर हमला कर दिया।
क्षतिग्रस्त खिड़की के शीशे से रजत के सिर में गहरी चोट आई। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उन पर पिस्टल चलाने की कोशिश, लेकिन ट्रिगर जाम होने के कारण गोली नहीं चला पाए। रोहन ने आरोप लगाया कि परमिंदर सिंह मांद, इंदर सैनी, गुरुजोत सिद्धू, बिल्ला, रतन लुबाना, जतिंदर और अन्य ने मारपीट व हमला किया हैं। पीड़ित ने बताया कि 2 हफ्ते पहले भी उनकी सेक्टर-63 में पुराने विवाद को लेकर लड़ाई हुई थी। उसी लड़ाई का बदला लेने के लिए आरोपियों ने उन पर दोबारा से हमला किया हैं।