छोटी-सी उम्र और छाप डाले 2000 के नकली नोट, वो भी बेहद शातिर तरीके से। कारोबार भी कई राज्यों तक फैला था। पुलिस के हाथ लगे कई सुराग।
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संगरूर में पकड़े गए दो हजार रुपये के नकली नोट
पंजाब के संगरूर जिले में पुलिस ने जाली नोट करंसी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे पुलिस ने 4 लाख 15 हजार रुपए के नए नोट बरामद किए। इनमें से 2000 के नोटों के रूप में 4 लाख और 100 रुपये के 15 हजार की करेंसी थी। अब पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है, जिसमें कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इनके बाकी साथियों की भी पुलिस तालाश कर रही है।
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संगरूर में पकड़े गए दो हजार रुपये के नकली नोट
ये लोग 2000 हजार व 100 रुपए के नोटों को स्कैन कर उनके कलर प्रिंट लेकर नकली नोट तैयार कर रहे थे। पुलिस ने प्रिंटर, स्कैनर और डेस्कटॉप भी बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि जब से पुराने नोट बंद हुए हैं और नई करंसी बाजार में आई है तभी ये लोग नए नोट बनाने लगे थे। जिसे ये पंजाब, बिहार, चंडीगढ़ समेत दूसरे कई राज्यों में अपने ही गैंग के सदस्यों को असली करंसी के बदले दोगुनी जाली करंसी सप्लाई करते थे।
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संगरूर में पकड़े गए दो हजार रुपये के नकली नोट
ऐसे तैयार कर रहे थे नकली नोटः भवानीगढ़ की हरीपुरा बस्ती में स्थित जसबीर सिंह के घर में जाली करंसी छापी जाती थी। जहां से पुलिस ने करंसी छापने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कंप्यूटर, स्कैनर और प्रिंटर भी बरामद कर लिया है। ये लोग नोटों को स्कैन करने के बाद बड़ी मात्रा में उनके कलर प्रिंट आउट ले रहे थे। पुलिस का का कहना है कि आरोपी बेहद सफाई से जाली करंसी को छापते थे।
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संगरूर में पकड़े गए दो हजार रुपये के नकली नोट
- फोटो : अमर उजाला
तीन महीने से चल रही थी छपाईः आरोपी पिछले तीन माह से जाली करंसी छापने का काम कर रहे थे। पहले 100 रुपए के जाली नोट छापे। जब नोट चलने लगा तो 500 और 1000 के नोट छापने शुरू कर दिए। नोटबंदी के बाद आरोपियों ने 2000 के नोट को भी छापना शुरू कर दिया था। जिसे बाजार में चलाना काफी आसान था क्योंकि नए 2000 के नोट की अभी आम व्यक्ति को पूरी तरह पहचान नहीं हुई है।