{"_id":"5ba46b77867a557eaa4ddf0e","slug":"bsf-soldier-narender-kumar-wife-santosh-interview-who-killed-by-pakistan-bat-team-in-jammu","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"शहीद BSF जवान नरेंद्र सिंह का चेहरा देखकर पत्नी बोली- शहादत पर गर्व, अब बेटों को भेजूंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद BSF जवान नरेंद्र सिंह का चेहरा देखकर पत्नी बोली- शहादत पर गर्व, अब बेटों को भेजूंगी
अंकित चौहान, अमर उजाला, खरखौदा/सोनीपत
Updated Fri, 21 Sep 2018 09:31 AM IST
विज्ञापन
नरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान की बर्बरता का शिकार हुए बीएसएफ जवान नरेंद्र सिंह का चेहरा देखकर उनकी पत्नी बेसुध हो गई, लेकिन उन्होंने ऐसी बात कह दी, सुनकर बेटे फूट-फूट कर रोये।
नरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार
जम्मू के सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में मंगलवार को शहीद हुए बीएसएफ जवान नरेंद्र सिंह (51) का शव देखकर पत्नी संतोष ने कहा कि उन्हें अपने पति की शहादत पर गर्व है। अब उनके दोनों बेटे सेना में जाकर देश सेवा करना चाहते थे। पति की शहादत पर गर्व करने के साथ ही उन्होंने उनके पार्थिव शरीर से बर्बरता किए जाने पर दुख भी जताया। उन्होंने कहा कि यह गलत है और सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी सैनिक के साथ ऐसा नहीं होने पाए। इसके लिए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए।
नरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार
संतोष ने कहा कि उनके पति ने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। वह देश सेवा के लिए ही सेना में गए थे और देश के लिए लड़ते हुए शहीद हो गए। बस दुख इस बात का है कि उनके पार्थिव शरीर के साथ पाकिस्तान ने ऐसी हरकत की। कुछ दिन पहले वे घर आए थे, 22 जुलाई को गए थे। मंगलवार सुबह साढ़े सात बजे आखिरी बार बातचीत हुई थी। वह पूरी तरह से ठीक और खुश थे। उसके बाद उसकी कोई बातचीत नहीं हुई। बाद में उसे गांव थाना कलां से उनके पति के शहीद होने की जानकारी मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
नरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद नरेंद्र सिंह को उनके बड़े बेटे मोहित ने मुखाग्नि दी। उनका कहना है कि सरकार जब इसका बदला ले लेगी, तभी परिवार को इंसाफ मिलेगा। पाकिस्तान से इस बर्बरता का बदला लिया जाना चाहिए। सरकार शांति वार्ता करे, पाकिस्तान के साथ मैच भी खेलें, लेकिन इस तरह सैनिकों के साथ बर्बरता का बदला जरूर लेना चाहिए, ताकि दोबारा किसी सैनिक के साथ पाकिस्तान ऐसा न कर सके। मेरे पिता के साथ पाकिस्तान ने जैसा भी किया, वह सभी के सामने है।
विज्ञापन
नरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग जुटे। भारत माता के जयकारों के बीच राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। शहीद नरेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह 7 बजे दिल्ली से सीधे उनके गांव थाना कलां लाया गया। यहां उनके गांव से पहले ही कई किलोमीटर दूर बड़ी संख्या में बाइक सवार मौजूद थे। जैसे ही शहीद का शव पहुंचा तो बाइकों का बड़ा काफिला उनके आगे-आगे चला। इस दौरान भारत माता की जय और शहीद नरेंद्र अमर रहे के जयकारे लगाए गए।