अगर आप ऑनलाइन फोन मंगवाते हैं तो कई सावधानियां बरतने की जरूरत है। वरना आपके साथ भी वही होगा, जो इस शख्स के साथ हुआ। जानिए क्या है मामला?
2 of 9
चार्जिंग के दौरान स्मार्टफोन में ब्लास्ट
घटना हरियाणा के रेवाड़ी की है। देहलावास गांव में अंकित नाम के युवक का मोबाइल चार्जिंग के दौरान एक रेडमी-3S ब्लास्ट हो गया। गनीमत यह रही कि इसमें वह दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गया। अब उसने इसकी शिकायत फोरम में डालने की तैयारी कर ली है। अंकित ने बताया कि उसने एक महीने पहले रेडमी-3S फोन ऑनलाइन खरीदा था। सोमवार को उसने फोन चार्जिंग के लिए लगाकर जैसे ही प्लग ऑन किया तो अचानक से ब्लास्ट हो गया और बैटरी फट गई।
3 of 9
चार्जिंग के दौरान स्मार्टफोन में ब्लास्ट
गनीमत यह रही कि इस हादसे में अंकित बच गया क्योंकि उसके और फोन के बीच दूरी थोड़ी ज्यादा थी। फोन खोलकर देखा तो बैटरी में ब्लास्ट हो रखा था। वहीं इस मामले को देखकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैटरी व चार्जिंग में दिक्कत के कारण ऐसा हो सकता है। हमें फोन को तकिए के पास रखकर नहीं सोना चाहिए। हमेशा फोन लगाने के बाद ही चार्जिंग का स्विच ऑन करना चाहिए। पहले से ऑन स्विच से सीधा चार्जर में फोन अटैच न करें।
वहीं अगर आप स्मार्टफोन खरीदने जाते हैं तो कई बातों का ध्यान रखें। आज स्मार्टफोन में सबसे ज्यादा जिक्र प्रोसेसर और रैम का ही होता है। फोन की गति प्रोसेसर पर निर्भर करती है, जबकि रैम उसे बेहतर तरीके से कार्यान्वन करने में सहायक होती है। इसलिए फोन की खरीदारी से पहले प्रोसेसर और रैम के बारे में पूरी तरह जानकारी प्राप्त कर लें। प्रोसेसर की ताकत गीगाहर्ट्ज पर निर्भर होती है और कोर उसे ज्यादा स्मार्ट व सक्षम बनाता है।
अक्सर ऐसा होता है कि स्मार्टफोन के नाम पर हम कुछ भी उठाकर ले आते हैं यह नहीं देखते कि फोन की इंटरनल मैमोरी कितनी है और कितनी एक्सपेंडेबल है। स्मार्टफोन में इंटरनल मैमोरी ज्यादा होनी बेहद जरूरी है। फोन की इंटरनल मैमोरी में ही ऑपरेटिंग और एप्लिकेशन इंस्टॉल होते हैं। हांलाकि एप्लिकेशन को अब कार्ड में भी इंस्टॉल करने का विकल्प दिया गया है लेकिन बावजूद इसके वह इंटरनल मैमोरी का उपयोग करती ही है।