फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

देखिए गजब का बेमिसाल काम! काश सभी ऐसा करें, जैसे एक ही परिवार के 18 सदस्यों ने किया

Sun, 26 Aug 2018 02:09 PM IST
तरुण अग्रवाल/अमर उजाला, अंबाला सिटी(हरियाणा)
तरुण अग्रवाल/अमर उजाला, अंबाला सिटी(हरियाणा) Updated Sun, 26 Aug 2018 02:09 PM IST
विज्ञापन
Body Donation by 18 Members of a Family in Ambala of Haryana
देहदान
कहते हैं जिंदा रहते हुए कुछ ऐसा करना चाहिए कि दुनिया याद रखे। ऐसा ही एक काम किया है परिवार के 18 सदस्यों ने। काश सभी ऐसा करें, तो एक मिसाल कायम हो सकती है।
Body Donation by 18 Members of a Family in Ambala of Haryana
देहदान
जहां लोगों में मृत्यु के बाद देह संस्कार को लेकर कई प्रकार के अंधविश्वास फैले हुए हैं, वहीं अंबाला के गांव भुडंगपुर के किसान परिवार के सभी 18 सदस्यों ने मृत्यु के बाद देह दान करने का संकल्प लिया है। साथ ही बाकी लोगों को भी देह दान करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। हरबिलास के अनुसार वर्ष 2012 में उनके पिता और परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य कलीराम की मृत्यु के पश्चात उनके परिजनों ने उनकी इच्छा के अनुसार उनकी आंखें 13 साल की बच्ची को दान की थी। साथ ही परिवार के सदस्यों ने भी संकल्प लिया है कि उनकी मृत्यु के पश्चात वह अपने देह का संस्कार करवाने के स्थान पर दान करेंगे, ताकि अगर उनके शरीर से किसी व्यक्ति को अंग की जरूरत होगी तो वह पूरी हो सके। हरबिलास की पत्नी परमजीत कौर की भी मृत्यु के बाद उनका देह दान किया गया था और उनकी आंखें जरूरतमंद को लगाई गई थीं।
Body Donation by 18 Members of a Family in Ambala of Haryana
देहदान
तर्कशील संस्था से जुड़ने के बाद लिया निर्णय
परिवार के सदस्य हरबिलास वैसे तो पेशे से किसान हैं और पशुपालन के लिए भी उन्होंने कई कार्य किए हैं। इसके लिए उन्हें कई बार मुख्यमंत्री के साथ-साथ राज्य के अन्य मंत्रियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। तर्कशील सोसाइटी हरियाणा के साथ जुड़ने के बाद उन्होंने सभी अंधविश्वासों को दूर करते हुए अपने देह दान करने का निर्णय लिया। साथ ही उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी देह दान करने के लिए प्रेरित किया। सभी परिवार के सदस्यों ने एक साथ देह दाह का संकल्प लेते हुए चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित अस्पताल में अपना नाम दर्ज करवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Body Donation by 18 Members of a Family in Ambala of Haryana
देहदान
बच्ची ने आंखें पाकर भगवान के बजाय कलीराम का किया शुक्रिया
हरबिलास ने बताया कि उनके पिता कलीराम की मृत्यु हुई तो संकल्प के अनुसार उन्होंने अपना देह दान कर दिया। डाक्टरों ने उनके देह से आंखें निकालकर 13 साल की बच्ची को लगाईं। जब उस बच्ची को भगवान का शुक्रिया करने के लिए कहा गया तो उसने भगवान के स्थान पर कलीराम का शुक्रिया किया। उसी प्रेरित कहानी को वह आज कई लोगों को सुनाते हुए प्रोत्साहित करते हैं।
विज्ञापन
Body Donation by 18 Members of a Family in Ambala of Haryana
आर्गन डोनेशन
इन सदस्यों ने लिया देह दान करने का संकल्प
हरबिलास सिंह ने बताया कि उनके पिता कलीराम और पत्नी परमजीत कौर की मौत हो चुकी है। इन दोनों के देह दान कर चुके हैं। हरबिलास ने बताया कि वह छह भाई हैं। उनके अलावा गुलजार सिंह, गुलाब सिंह, रामलाल, करनैल सिंह व बालक राम हैं। लाभ सिंह चचेरा भाई और संतरो देवी उसकी पत्नी हैं। नाछतर कौर, चमेली व बलजीत कौर भाभी हैं। हरविंद्र सिंह बेटा और हरजीत, धर्म सिंह, कर्म सिंह भतीजा हैं। कुलविंद्र कौर, राजविंद्र कौर और मनजीत कौर बहू हैं। इन सभी सदस्यों ने देह दान का संकल्प लिया है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed