तरनतारन के गांव कैरों में ड्रग तस्कर बृजलाल, उसके बेटे दलजीत, बहुओं जसप्रीत-अमनदीप और ड्राइवर गुरसाहिब सिंह की हत्या करने के आरोप में पुलिस ने बृजलाल के छोटे बेटे गुरजंट समेत छह अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं पड़ोसी को मामले की जानकारी देने वाली बृजलाल की छह साल की पोती परी ने दिल दहला देने वाला खुलासा किया है। बच्ची ने कहा कि हमलावरों के साथ आया छोटा चाचा गुरजंट सिंह बाकियों से कह रहा था कि बच्चों का कोई कसूर नहीं, इनको कुछ नहीं होना चाहिए। गुरजंट सिंह पर पट्टी थाने में एनडीपीएस, असलहा और एक्साइज एक्ट के 5 केस और होशियारपुर में एक केस के अलावा 2007 में भिखीवंड थाने में हत्या का भी एक मामला दर्ज है।
तस्वीरें: छह साल की उम्र, सामने हुईं पांच हत्याएं, रात भर लाशों संग लेटी रही मासूम
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जानकारी के अनुसार, सुबह करीब सवा छह बजे बृजलाल की छह साल की पोती परी रोते हुए पड़ोसी निशान सिंह के घर गई और सारी कहानी बताई। मासूम ने बताया कि रात को चाचा के साथ नकाबपोश आए थे। पहले इन्होंने दादा और फिर चाचा को काट दिया। साथ वाले कमरे में जाकर मम्मी को भी मार दिया। जब उन्होंने शोर मचाया तो उसके चाचा ने बाकी आरोपियों से कहा कि बच्चों को कुछ नहीं होना चाहिए। इनका कोई कसूर नहीं है। अपनी आंखों के सामने पांच लोगों की हत्याएं देखने वाली छह वर्षीय परी की जुबान भले ही डर के मारे लड़खड़ा रही थी लेकिन वह बार-बार इस बात को दोहरा रही थी, उसने चाचा जंटा को पहचान लिया था। परी ने बताया कि वह सारी रात अपनी छोटी बहन सुमित और भाई अमरदीप के साथ शवों के साथ ही लेटी रही।
दस माह की बच्ची सोफिया जसप्रीत के साथ ही सोई थी लेकिन आरोपियों ने जसप्रीत को बेड से घसीटकर सोफे और टेबल के बीच जमीन पर पटक दिया था। उसका शव वहीं मिला था। जांच में सामने आया कि हत्या करने के बाद आरोपियों ने नगदी और जेवरात भी लूटे। घर से पांच लाख रुपये गायब भी बताए जा रहे हैं। बृजलाल की पत्नी रंजीत कौर के खिलाफ 2014 में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज हुआ था। चार माह पहले ही उसे दस वर्ष की सजा सुनाई दी गई थी। अमृतसर की जेल में सजा काट रही रंजीत कौर की 22 मई को मौत हो गई थी। रंजीत कौर की मौत के बाद घर में क्लेश बढ़ गया था।
नशे के कारोबार से होने वाली आमदनी को आपस में बांटने को लेकर अकसर घर में विवाद होता था। विवाद से तंग आकर कुछ दिन पहले ही बृजलाल ने अपनी लाइसेंसी राइफल गन हाउस में जमा करवा दी थी। गांव को लोगों के अनुसार 1997 से अवैध शराब का कारोबार करने वाले बृजलाल धत्तू की मां भी अपने जमाने में अवैध शराब का कारोबार करती थी। बृजलाल के पास जमीन नहीं थी, इसलिए उसने नशे के कारोबार को इतना फैला दिया कि अपनी पत्नी और चारों पुत्रों को भी तस्करी में लगा दिया। परिवार के सदस्यों के खिलाफ कुल 48 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
गांव के लोगों ने बताया कि बृजलाल के परिवार के साथ गांव के लोग संबंध नहीं रखते थे। गुरुवार सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद सरपंच रंजीत सिंह राणा, पंच हरजीत सिंह, कुलदीप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर शव पड़े थे लेकिन उनकी मौत पर आंसू बहाने वाला कोई नहीं था। दोपहर करीब एक बजे बृजलाल की पुत्रवधुओं के मायके वाले मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही गांव के लोग वहां से चले गए। तंग गली में बृजलाल ने अपनी आलीशान कोठी बना रखी थी। कोठी की दीवारें इतनी ऊंची थी कि अंदर क्या हो रहा है, बाहर वालों को इसकी भनक तक नहीं लगती थी । बृजलाल ने हवेली कुत्ते, कबूतर और घोड़े पाल रखे थे।