एशियन गेम्स 2018 में वो भावुक लम्हा बॉक्सर अमित पंघाल को जिंदगी भर यादगार रहेगा, जब उन्होंने गोल्ड मेडल पहनने के बाद अपने देश के तिरंगे को बुलंदी की ओर बढ़ते हुए देखा।
इंटरनेशनल गेम्स की मेडल सेरेमनी में यह एक रिवाज होता है कि गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी के देश का राष्ट्रीय ध्वज सबसे ऊपर बुलंदी पर लहराया जाता है। साथ ही उस देश के राष्ट्रगान की धुन भी बजाई जाती है। आज एक सितंबर 2018 को 22 साल के सेना के जवान बॉक्सर अमित पंघाल के लिए यह लम्हा इसलिए भावुक हो गया कि तिरंगे को एशिया में सम्मान दिलाने का अहम मौका उन्हें मिला।
चूंकि अमित भारतीय सेना से भी जुड़े हैं, इसलिए भी उनके लिए यह लम्हा और ज्यादा फख्र महसूस करने वाला था। मेडल सेरेमनी में जैसे ही तिरंगा राष्ट्रगान की धुन के साथ ऊपर की ओर जा रहा था, वैसे ही अमित पंघाल के दिल में उमड़ती देश प्रेम की लहरें हिलौरे मार रही थी। अमित जानते थे कि वह गोल्ड मेडल लेने के लिए डाइस पर खड़े हैं, इसलिए उन्हें अपनी उमड़ती भावनाओं को रोकना होगा।
लेकिन लम्हा ऐसा था कि तिरंगे को बुलंदी पर जाते देख अपने देशप्रेम को रोक न पाए और न चाहते हुए भी उनके आंसू छलक उठे। डाइस पर खड़े-खड़े उन्होंने कई बार अपने आंसू पोंछे और उनके कोच व अन्य साथियों ने भी रोते हुए अमित को संभाला। यह नजारा देखकर उनके मां-बाप, गांव के लोग भी इतने भावुक हुए कि वे अपने आंसू भी रोक न पाए।
भारतीय मुक्केबाज अमित पंघाल ने 18वें एशियन गेम्स में भारत को 14वां गोल्ड मेडल दिलाया। 49 किलोग्राम भारवर्ग के मुक्केबाजी फाइनल प्रतियोगिता में अमित का सामना रियो ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट उजबेकिस्तान के हसनबॉय दुश्मातोव के साथ हुआ।