आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने अयोध्या मामले में कांग्रेस के आरोपों पर सफाई पेश की और ऐसी बात कही, सवाल पूछने वाले चुप हो गए।
श्री श्री रविशंकर सोमवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब पहुंचे। यहां अयोध्या के मसले पर कांग्रेस के आरोप नकारते हुए श्रीश्री ने कहा कि दोनों समुदाय के लोग उनसे मिले और वे सिर्फ मध्यस्थता के जरिए कोई रास्ता निकालने का काम कर रहे हैं। कई देशों के बिगड़े हुए मसले वे सुलझा चुके हैं। भारत को खुशहाल बनाना भी उनका काम है। दरअसल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि श्रीश्री बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं।
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Sri Sri Ravi Shankar
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बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या धर्मगुरु बनने के लिए कोई तय मापदंड होने चाहिएं? तो इस पर उन्होंने कहा कि आजकल हर कोई खुद को धर्मगुरु का तमगा लगा लेता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। इसके लिए बाकायदा एक कमेटी बननी चाहिए। जो समय-समय पर सभी धार्मिक संस्थानों और उनसे बनी कमेटियों की जांच करे।
इसके अलावा श्रीश्री रविशंकर ने लड़कियों से कहा कि वे खुद से वादा करें कि शराब पीने वाले व्यक्ति से शादी नहीं करेंगी। नशे से हमेशा दूर रहना चाहिए और बचपन में ही यह प्रतिज्ञा ले लेनी चाहिए। श्रीश्री अपने चंडीगढ़ दौरे के दौरान राजभवन में मौजूद थे। इस दौरान कई स्कूलों के बच्चों ने धर्म गुरू श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की।
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श्री श्री रविशंकर
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श्रीश्री ने बच्चों से कहा कि उन्हें हमेशा सवाल पूछते रहना चाहिए। साथ ही एक सलाह दी कि खेल को कभी युद्ध का मैदान नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा बचपन शरारत करने केलिए है और अगर बच्चे शरारत न करें तो बचपन खराब हो जाता है। हालांकि कोई ऐसी शरारत नहीं करनी चाहिए जिससे किसी को नुकसान हो। शरारत बचपन का एक महत्वपूर्ण लक्षण है।