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आदमपुर उपचुनाव: हरियाणा में आप प्रत्याशी की जमानत जब्त, नहीं चला केजरीवाल का जादू

Sun, 06 Nov 2022 10:20 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 06 Nov 2022 10:20 PM IST
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Aam Aadmi Party magic did not work in Adampur by election in Haryana
अरविंद केजरीवाल - फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)

2024 में हरियाणा की सत्ता पर काबिज होने का सपना संजोए आम आदमी पार्टी को आदमपुर उपचुनाव में जोर का झटका लगा है। यहां की जनता पर आप का जादू नहीं चल पाया। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान लोगों को विश्वास जीतने में नाकाम रहे। कांग्रेस छोड़कर आप में गए सतेंद्र सिंह की जमानत भी नहीं बच पाई। 

Aam Aadmi Party magic did not work in Adampur by election in Haryana
अरविंद केजरीवाल (फाइल) - फोटो : पीटीआई

2019 विधानसभा चुनाव में आप ने 90 में से 46 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इन सबकी जमानत जब्त हो गई थी। पार्टी को सिर्फ 0.48 प्रतिशत वोट मिले थे। अनेक उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट पड़े। 2014 का विधानसभा चुनाव आप ने नहीं लड़ा था। 2014 व 2019 का लोकसभा चुनाव पार्टी लड़ चुकी है लेकिन उम्मीदवारों की हालत पतली रही थी। प्रदेश में धरातल तक पार्टी का संगठन न होना भी आम चुनाव व इस उपचुनाव में हार का बड़ा कारण रहा।

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान। - फोटो : फाइल फोटो

पार्टी के पास प्रदेश में कोई बड़ा चेहरा नहीं है, जो अपने बूते आप को जिताने की स्थिति में ला सके। पहले नवीन जयहिंद प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते चेहरा रहे लेकिन पार्टी की जड़े मजबूत नहीं हुईं। उनको लेकर पार्टी में विरोधी सुर भी उठे, बगावत तक हुई। इसके बाद आप प्रदेश में लगभग रसातल में चली गई। अब प्रदेश प्रभारी की कमान सांसद सुशील गुप्ता के हाथ में है और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर आप में आ चुके हैं, बावजूद इसके पार्टी की पैठ धरातल पर मजबूत नहीं हो रही। दिल्ली और पंजाब की तरह हरियाणा में पार्टी का कैडर नहीं है। आदमपुर उपचुनाव में आप को केजरीवाल के दिल्ली मॉडल का ही सहारा था, जिसकी हवा जनता ने निकाल दी। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी आदि मुद्दों पर आप ने चुनाव लड़ा, लेकिन जनता का साथ नहीं मिला। 

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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला

2014 लोकसभा चुनाव में आप का प्रदर्शन
2014 लोकसभा चुनाव में आप को हरियाणा में 4.24 प्रतिशत वोट मिले थे। अंबाला लोकसभा में पार्टी का वोट प्रतिशत 5.22, भिवानी-महेंद्रगढ़ में 2.15, फरीदाबाद में 5.96, गुरुग्राम में 6.02, हिसार में 2.46, करनाल में 2.69, कुरुक्षेत्र में 2.87, रोहतक में 4.48, सिरसा में 5.23 और सोनीपत में 4.93 फीसदी रहा था।

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आप संयोजक अरविंद केजरीवाल - फोटो : ट्विटर/आप

2019 में जजपा के साथ मिलकर लड़ा लोकसभा चुनाव
हरियाणा में आप ने जींद उपचुनाव और लोकसभा चुनाव दुष्यंत चौटाला की जजपा के साथ मिलकर लड़े। जींद में तो दोनों दलों के संयुक्त प्रत्याशी दिग्विजय चौटाला दूसरे स्थान पर रहे लेकिन लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन खराब रहा। आप के हिस्से में अंबाला, करनाल और फरीदाबाद सीटें आई थीं। तीनों सीटों पर आप को दो प्रतिशत से भी कम वोट मिले। अंबाला से प्रत्याशी पूर्व डीजीपी पृथ्वी राज को 12302, करनाल में कृष्ण कुमार अग्रवाल को 22084 व फरीदाबाद में नवीन जयहिंद को 11112 वोट ही मिले थे।

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