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नोटबंदी के 50 दिन, न दिन में सुकून न रात को नींद, 10 बड़े नुकसान

Fri, 30 Dec 2016 11:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 30 Dec 2016 11:31 AM IST
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50 days of note ban in india, everything effected due to modi decision, big side effects
एटीएम के बाहर लगी लाइन
नोटबंदी के 50 दिन और न दिन को सुकून न रात को नींद। कभी बैंक में चक्कर तो कभी एटीएम की लाइन। ऊपर से हो गए कई बड़े नुकसान। हालात पर एक नजर।
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एटीएम के बाहर लगी लाइन
नोटबंदी से सोने के और लग्जरी आइटमों के कारोबार में मंदी आई है। नोटबंदी के 50 दिन बाद व्यापारियों का धंधा मंदा ही है। सोने के कारोबार में सिर्फ 10 प्रतिशत का ही सुधार हुआ है। ज्वेलर्स एसोसिएशन के महासचिव संजय सहगल का कहना है कि 50 दिन गुजर जाने के बावजूद लोगों के पास कैश नहीं है। स्वैप मशीनें हैंग करने की दिक्कत भी आ रही हैं। शादियों का सीजन होने के बावजूद आभूषण विक्रेताओं के पास कारोबार नहीं है।
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एटीएम के बाहर लगी लाइन
होटल इंडस्ट्री पर असरः सेक्टर-43 स्थित मेट्रो होटल के संचालक बलजिंदर सिंह का कहना है कि उनकी इंडस्ट्री पर नोटबंदी का असर पड़ा है। उनका कहना है जिसने शादी पर 10 लाख का खर्चा करना है अब वह 5 लाख का खर्चा कर रहा है। उनका कहना है सिस्टम पूरी तरह से कैशलेस नहीं हो सकता।
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एटीएम के बाहर लगी लाइन
आधा रह गया फर्नीचर बाजारः शादियों का सीजन होने के बावजूद फर्नीचर कारोबार मंदा है। सेक्टर-54 की फर्नीचर मार्केट में व्यापारी अशोक कुमार का कहना है कि 50 प्रतिशत फर्नीचर का कारोबार ही रह गया है। स्वैप मशीनें नहीं मिल रहीं हैं, जबकि आवेदन किए हुए एक माह से ज्यादा का समय हो गया है। बैंक की ओर से बताया जाता है कि मशीनें आउट ऑफ स्टाक हैं।
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एटीएम के बाहर लगी लाइन
2000 का नोट तोड़ना मुश्किलः सेक्टर-17 के ब्रडीज चिकन के प्रबंधक विनय सिंह का कहना है कि नोटबंदी का असर कारोबार पर पड़ा है। 30 प्रतिशत कारोबार प्रभावित हुआ है। यही नहीं अब हर कोई दो हजार रुपये का नोट लेकर आ रहा है उसे तोड़ना काफी मुश्किल हो रहा है। बैंक को कई दिनों से स्वैप मशीन देने के लिए आवेदन किया हुआ है, लेकिन अभी तक मशीन नहीं लगी है।
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