Facts About Air Hostess: फ्लाइट में सफर के दौरान यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए कुछ क्रू सदस्यों को रखा जाता है। अगर आपने कभी फ्लाइट में सफर किया है तो आपने गौर किया होगा कि ज्यादातर फ्लाइट अटेंडेंट महिलाएं ही होती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा शुरुआत से नहीं था? दरअसल शुरुआती समय में विमानों में यात्रियों के लिए पुरुष अटेंडेंट रखे जाते थे। कुछ समय बाद महिलाओं को भी इसका हिस्सा बनाया गया। आपको जानकर हैरानी होगी कि शुरुआती समय में केवल नर्सों को ही एयर होस्टेस बनाया जाता था। आइए जानते हैं कि इसके पीछे की वजह क्या है।
Air Hostess: पहले केवल नर्सों को ही क्यों बनाया जाता था एयर होस्टेस, जानिए कौन थी पहली महिला फ्लाइट अटेंडेंट
कौन थी पहली महिला एयर होस्टेस?
दुनिया की पहली महिला एयर होस्टेस की बात की जाए तो ये 25 वर्षीय एलेन चर्च थीं, जो बेहतरीन नर्स थीं और साथ ही एक पायलट भी थीं। उस समय कामर्शियल विमानों में पायलट और फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर महिलाओं के लिए जगह थी। दोनों ही काम पुरुषों के काबिल ही माने जाते थे। लोगों का मानना था कि ऐसे चुनौतीपूर्ण कार्य महिलाओं के बस की बात नहीं है, लेकिन एलेन चर्च ने इस मानसिकता को बदलने में पहला कदम उठाया था।
विमान कंपनी को पसंद आया नर्स का तर्क
एलेन चर्च इस पेशे में आना चाहती थीं, इस उद्देश्य से वह अमेरिका के यूनाइटेड एयरलाइंस के मुख्यालय में पहुंचीं। वहां चर्च ने पायलट पद के लिए विमान अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन इसके लिए उन्हें साफ इनकार कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के सामने अपने तर्क पेश किए कि एक नर्स विमान में फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर कितनी जरूरी और बेहतर है। यात्रा के दौरान किसी बीमारी की सूरत में वह यात्रियों को प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधा दे सकेंगी। चर्च के तर्क विमान कंपनी को काफी पसंद आया।
पहली एयर होस्टेस की पोशाक
पहली एयर होस्टेस की पोशाक की बात की जाए तो, 1930 में चर्च को नौकरी मिलने पर उन्होंने नर्स वाली पोशाक में ही फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर काम करना शुरू किया। यही वजह है कि आज भी एयर होस्टेस और नर्सों की पोशाक काफी मिलती है।