Cluster Bomb: रूस और यूक्रेन में महीनों से युद्ध जारी है। इस बीच अमेरिका ने यूक्रेन को क्लस्टर बम देने का एलान किया है। इससे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खौफ में आ गए हैं। उन्होंने यूक्रेन को क्लस्टर बम देने की अमेरिका की आलोचना की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूक्रेन इस तरह का कोई काम न करें। रूस के पास भी क्लस्टर बम का पर्याप्त भंडार है।
Cluster Bomb: क्या है क्लस्टर बम? अमेरिका ने यूक्रेन को देने का किया एलान, खौफ में राष्ट्रपति पुतिन
क्या है क्लस्टर बम
क्लस्टर बम एक खतरनाक हथियार है। इसके अंदर छोटे-छोटे बम रखे जाते हैं। इस खतरनाक बम का इस्तेमाल किसी बड़े इलाके में एक साथ हमला करने के लिए किया जाता है। इस तबाही लाने वाले बम को रॉकेट लॉन्चर तोप, मिसाइल या बमवर्षक विमान से दागा जा सकता है। एक ऊंचाई पर पहुंचने के बाद क्लस्टर बम के ऊपर का खोल फट जाता है। इसके बाद अंदर के छोटे-छोटे बम टारगेट किए गए इलाके में बिखर जाते हैं। सबसे खास बात यह है कि इनमे टाइमर लगा होता है, जिससे वो टारगेट के पास पहुंचकर फटें। ताकतवर क्लस्टर बम टैंकों तक को तबहा कर सकते हैं।
द्वितीय विश्वयुद्ध में सबसे पहले हुआ इस्तेमाल
तबाही मचाने वाले क्लस्टर बमों का सबसे पहले द्वितीय विश्वयुद्ध के समय साल 1943 में इस्तेमाल किया गया था। तत्कालीन सोवियत संघ और जर्मनी की सेनाओं ने इस बम का इस्तेमाल किया था। क्लस्टर बम का इस्तेमाल ज्यादातर इंफेंट्री यूनिट या दुश्मन देश की सेना के जमावड़े को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है।
नहीं फटते हैं 10 से 40 फीसदी बम
क्लस्टर बम से निकला हर छोटा बम नहीं फटता है। छोटे बम गिरने के बाद मिट्टी में सालों तक दबे रहते हैं। जब यह इंसानों के संपर्क में आते हैं, तो फट जाते हैं जिससे लोगों की मौत हो जाती है। इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेडक्रॉस के मुताबिक, क्लस्टर बम के 10 से 40 प्रतिशत छोटे बम नहीं फटते हैं।
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34 देशों के पास है हथियार
एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में 34 देशों के पास 200 अलग-अलग प्रकार के क्लस्टर हथियार हैं। क्लस्टर बम के अंदर मौजूद छोटे-छोटे बमों का वजन 20 किलोग्राम होता है। यह बम अलग-अलग वजन के होते हैं। बम का जितना वजन होता है, वह उतना ही ताकतवर होता है। इन बमों से आम लोगों को अधिक नुकसान होता है, जिसकी वजह से 100 से ज्यादा देशों ने इस पर प्रतिबंध लगा रखा है। भारत उन 34 देशों में शामिल है, जिनके पास क्लस्टर हथियार बनाने की क्षमता है। भारत के पास M395 क्लस्टर हथियार मौजूद है।
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