Venezuela Last Glacier: जलवायु परिवर्तन की वजह से दुनियाभर में गर्मी बढ़ रही है। इसके साथ ही बेमौसम भारी बारिश, पानी की कमी, आग लगने की घटनाएं और लोगों को भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक प्रभाव दुनिया के ग्लेशियरों पर पड़ रहा है। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो दुनिया के लिए बेहद डराने वाली है। दरअसल, वेनेजुएला में मौजूद सभी ग्लेशियर खत्म हो गए हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि कभी इस देश में छह ग्लेशियर हुआ करते थे।
Glacier: इस देश में खत्म हो गए सभी ग्लेशियर, अब इन देशों पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, दुनिया की बढ़ी चिंता
लॉस एंडीज विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जूलियो सीजर सेंटेनो ने बताया कि दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में अब एक भी ग्लेशियर नहीं है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ एक छोटा सा बर्फ का टुकड़ा है, जो अपने मूल आकार का सिर्फ 0.4 फीसदी बचा है। जलवायु वैज्ञानिकों ने संभावना जताई है कि इंडोनेशिया, मैक्सिको और स्लोवेनिया के भी ग्लेशियर खत्म हो सकते हैं।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ सालों में ग्लेशियरों की संख्या तेजी से घट रही है। साल 2011 तक वेनेजुएला के पांच ग्लेशियर खत्म हो चुके थे। सिर्फ हम्बोल्ट ग्लेशियर बचा था। देश की दूसरी दूसरी सबसे ऊंची चोटी पिको हम्बोल्ट के पास यह ग्लेशियर स्थित था। इसके अभी कम से कम एक दशक तक रहने की संभावना थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब यह पूरी तरह पिघल चुका है।
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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन की वजह से पूरी दुनिया का औसत तापमान बढ़ रहा है और बर्फ पिघल रही है। इसके कारण दुनिया भर में समुद्र का जल स्तर भी बढ़ रहा है। डरहम विश्वविद्यालय के ग्लेशियोलॉजिस्ट कैरोलिन क्लासन ने कहा कि वेनेजुएला के आखिरी ग्लेशियर पर अधिक बर्फ नहीं जमी है। इस साल मार्च में लॉस एंडीज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने देखा कि यह ग्लेशियर अब सिर्फ दो हेक्टेयर में रह गया है, जो पहले 450 हेक्टेयर में फैला था।
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शोधकर्ताओं का कहना है कि ग्लेशियर के तौर योग्य होने के लिए बर्फ के एक टुकड़े के न्यूनतम आकार को लेकर कोई वैश्विक मानक नहीं है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, आमतौर पर स्वीकृत दिशानिर्देश करीब 10 हेक्टेयर है। नासा ने साल 2018 में माना था कि यह वेनेजुएला का आखिरी ग्लेशियर है।