फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Tunnel: दुनिया का सबसे मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन, जब गुफा में फंसे 12 बच्चों को दो हफ्ते बाद निकाला गया था बाहर

Tue, 21 Nov 2023 07:51 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Tue, 21 Nov 2023 07:51 PM IST
विज्ञापन
Uttarkashi Tunnel Collapse The full story of Thailand's extraordinary cave rescue operation
story of Thailand's extraordinary cave rescue operation - फोटो : wikipedia

Uttarkashi Tunnel Collapse: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सुरंग ढहने से करीब 10 दिनों से 41 मजदूर फंसे हैं। मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। रेस्क्यू कर रहीं एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली। पहली बार मजूदरों को पाइप के जरिए खाना भेजा गया। इसके अलावा सुरंग के अंदर का वीडियो भी सामने आया है। रेस्क्यू में लगे अधिकारियों ने मजदूरों से बात भी की है। 



मजूदरों को सुरंग से बाहर निकालने के लिए थाइलैंड की रेस्क्यू टीम से भी मदद ली जा रही है। दरअसल, साल 2018 में थाइलैंड में एक हादसा हुआ था जिसमें जूनियर फुटबॉल टीम के कोच समेत 12 बच्चे एक गुफा में फंस गए थे। इसके बाद चलाए गए बचाव कार्य से पूरी दुनिया हैरत में पड़ गई थी। 



जून 2018 में थाईलैंड की जूनियर एसोसिएशन फुटबॉल टीम अपने कोच के साथ अभ्यास कर रही थी। इसके तहत उन्होंने थाम लुआंग गुफा में प्रवेश किया, लेकिन इसमें कोई खतरा नहीं था। हालांकि टीम के अंदर जाने के कुछ देर बाद ही बारिश हो गई। इसके बाद गुफा में पानी भर गया और सभी रास्ते बंद हो गए। 

Uttarkashi Tunnel Collapse The full story of Thailand's extraordinary cave rescue operation
story of Thailand's extraordinary cave rescue operation - फोटो : amar ujala

थाइलैंड और म्यांमार की सामा पर दोई नांग पहाड़ के नीचे लगभग 10 किमी लंबी गुफा है। यह गुफा अंदर की ओर संकरी होती जाती है। इसके अंदर चूना पत्थर की आकृतियां और चट्टानें भी हैं। पानी भरने के बाद गुफा के प्रवेश द्वारा को खोज पाना करीब अंसभव था। 

 

Uttarkashi Tunnel Collapse The full story of Thailand's extraordinary cave rescue operation
story of Thailand's extraordinary cave rescue operation - फोटो : amar ujala

गुफा के अंदर 11 से 16 साल तक के एक दर्जन बच्चे और 25 साल के असिस्टेंट कोच इकापॉल चंथावॉन्ग फंसे थे। इस हादसे के करीब एक हफ्ते बाद गुफा के पास कोई पहुंच पाया। अधिकतक लोगों ने मान लिया था कि सभी की मौत हो गई होगी, लेकिन रेस्क्यू टीमों ने उम्मीद नहीं छोड़ी। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Uttarkashi Tunnel Collapse The full story of Thailand's extraordinary cave rescue operation
story of Thailand's extraordinary cave rescue operation - फोटो : amar ujala

नौ दिन बीत जाने के बाद ब्रिटिश गोताखोर गुफा के प्रवेश द्वार तक पहुंच सके। उन्हें पता चला कि बच्चे गुफा के अंदर एक ऊंची चट्टान पर मौजूद हैं। इसके बाद असल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। 

Ajab-Gajab: इस ग्रह पर रह रहे हैं डायनासोर! विशेषज्ञ ने किया चौंकाने वाला दावा
 

विज्ञापन
Uttarkashi Tunnel Collapse The full story of Thailand's extraordinary cave rescue operation
story of Thailand's extraordinary cave rescue operation - फोटो : amar ujala

इस रेस्क्यू मिशन को सैन्य ऑपरेशन की तरह पूरा किया गया। इस ऑपरेशन में करीब 10 हजार लोग शामिल हुए थे, जिसमें 100 से अधिक गोताखोर ही थे। इसके साथ ही एंबुलेंस, सैनिक, पुलिस और मेडिकल टीमें भी काम में लगी थीं। रॉयल थाई नेवी सील गुफा से पानी निकालने का काम कर रही थी, ताकि रास्ता बनाया जा सके। इस दौरान एक गोताखोर की जान चली गई, लेकिन ऑपरेशन बंद नहीं हुआ।

Nostradamus Prediction: साल 2023 खत्म होने से पहले दुनिया में मचेगी तबाही, मॉर्डन नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed