कई दिनों की जद्दोजहद के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडेन की जीत का रास्ता स्पष्ट हो गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडन को इस चुनाव में जीत हासिल हुई है और वह देश के 46वें राष्ट्रपति होंगे। लेकिन आज हम आपको साल अमेरिका में साल 1800 में हुए राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा बताने जा रहे हैं।
अमेरिका के वो राष्ट्रपति, जो चुनाव हारने के बाद भी नहीं छोड़ रहे थे व्हाइट हाउस
अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एडम्स को साल 1800 में हुए चुनाव में हार मिली थी। उनके प्रतिद्वंदी थॉमस जेफ्फरसन ने जीत हासिल की। लेकिन हारने के बावजूद भी जॉन ने थॉमस को कार्यभार सौंपने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं थॉमस के शपथ ग्रहण समारोह में भी जॉन शामिल नहीं हुए। इस समारोह में व्हाइट हाउस के कर्मचारी भी नहीं जा सकें।
जॉन एडम्स जिद पर अड़ गए थे। ऐसे में वो ना ही व्हाइट हाउस छोड़ रहे थे और ना ही अपना कार्यभार थॉमस को सौंप रहे थे। इसके बाद उनके साथ, जो हुआ उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। जॉन से प्रेसिडेंशियल स्टाफ ने आदेश लेना बंद कर दिया और प्रेसिडेंट ऑफिस भी हटा दिया गया। इतना ही नहीं उनकी सारी सिक्योरिटी भी हटा दी गई।
चुनाव हार जाने के बाद व्हाइट हाउस में जमे जॉन को मिलिट्री, CIA,FBI और व्हाइट हाउस स्टाफ ने नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। आखिरकार खुद को अपमानित होता देख जॉन ने हार स्वीकार की। आधिकारिक तौर पर उन्होंने 4 मार्च 1801 को कार्यभार थॉमस को सौंप दिया।
अगर ट्रंप व्हाइट हाउस को नहीं छोड़ते हैं तो क्या होगा?
- व्हाइट हाउस के कर्मचारी अपने नए राष्ट्रपति के हिसाब से काम करना शुरू कर सकते हैं।
- 20 जनवरी के मिड डे व्हाइट हाउस का स्टाफ पुराने राष्ट्रपति यानी ट्रंप के सामानों को बाहर करके नए राष्ट्रपति का सामान बिना किसी अनुमति के अंदर लेकर आ सकते हैं।
- जनवरी से ट्रंप की सैलरी से व्हाइट हाउस का रेंट भी कटना बंद हो जाएगा।
- बाइडेन की प्रेसिडेंशियल सैलरी जनवरी से ही शुरू हो जाएगी और व्हाइट हाउस का रेंट उनकी सैलरी से कटने लगेगा।