सनराइजर्स हैदराबाद दूसरे क्वालीफायर में दिल्ली के हाथों हारकर फाइनल में जगह बनाने से चूक गई। रविवार को अबू धाबी में खेले गए अहम मुकाबले में हैदराबाद की टीम दिल्ली की तुलना में हर क्षेत्र में कमजोर नजर आई। पिछले चार मुकाबले जीतकर क्वालीफायर तक पहुंची हैदराबाद के लिए कुछ भी ठीक नहीं रहा और उसे हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में आइए जानते हैं उन पांच कारणों के बारे में जिसकी वजह से उसे दिल्ली के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी।
IPL 2020: दिल्ली के खिलाफ SRH ने की ये पांच गलतियां, हार के साथ फाइनल में पहुंचने का मौका गंवाया
कप्तान डेविड वार्नर का फेल होना:
दिल्ली के 190 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हैदराबाद को अपने कप्तान डेविड वार्नर से काफी उम्मीदें थीं। इस सीजन में चार अर्धशतक के साथ 548 रन बना चुके वार्नर ने दिल्ली के खिलाफ पिछले मुकाबले में 34 गेंदों में 66 रन बनाए थे और लय में नजर आ रहे थे। लेकिन यहां इस मुकाबले में वे तीन गेंदों में सिर्फ दो रन ही बना पाए। उन्हें रबाडा की तूफानी यॉर्कर ने चारों खाने चित कर दिया।
कमजोर फील्डिंग:
हैदराबाद की टीम अपनी मजबूत फील्डिंग के लिए पहचानी जाती है। लेकिन इस मैच में खिलाड़ियों ने कैच छोड़ने के साथ ही हाथ की गेंदें छोड़ चौके और अतिरिक्त रन दिए। हैदराबाद की तरफ से होल्डर ने स्टोइनिस तो राशिद खान ने शिखर धवन के आसान कैच छोड़े। वहीं दूसरे खिलाड़ियों ने हाथों की गेंद छोड़कर कई अतिरिक्त रन दिए।
पावरप्ले में राशिद खान को इस्तेमाल नहीं करना :
दिल्ली ने इस मैच में नई सलामी जोड़ी को अपनाया, जिसने हैदराबाद की कमजोर फील्डिंग और अनियंत्रित गेंदबाजी का फायदा उठाते हुए तेज शुरुआत की और पावरप्ले में अच्छे रन बटोरे। हैदराबाद ने पावरप्ले में रन रोकने की कोशिश नहीं की और लगातार तेज गेंदबाजों को ही आजमाया। टीम चाहती तो फॉर्म में चल रहे राशिद खान को इस दौरान गेंदबाजी देकर दिल्ली के रनों पर अंकुश लगाने के साथ ही उन्हें झटके भी दे सकती थी।
मनीष पांडेय का गैरजिम्मेदाराना शॉट:
हैदराबाद के मध्यक्रम के स्टार बल्लेबाज मनीष पांडे लय में होने के बावजूद टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे। वे इस सीजन में अपने खराब शॉट की वजह से आउट होते रहे। इस बार भी जब उनसे एक बड़ी पारी खेलने और मैदान पर टिके रहने की उम्मीद थी, तब उन्होंने एक गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया।