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बेजुबानों से करते हैं इतना प्यार, घर को ही बना दिया मिनी चिड़ियाघर....

Mon, 15 May 2017 10:57 AM IST
amarujala.com- Written by: वेदप्रकाश शर्मा
amarujala.com- Written by: वेदप्रकाश शर्मा Updated Mon, 15 May 2017 10:57 AM IST
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To love so much to animals, the house itself made mini zoo ....
mini zoo in ghazipur - फोटो : अमर उजाला

एक इंसान जो बेजुबानों की जुबां को समझता है। उसे इंसानों से ज्यादा बेजुबानों से बे-इंतहा प्यार है। यही वजह है कि उसने घर को मिनी चिडि़याघर बना डाला है। यहां विभिन्न प्रजाति के कुत्ते, चिडि़यां, तोते, बंदर, बिल्ली, शाही सरीखे बेजुबान रहते हैँ। खास बात यह है कि सभी एक साथ रहते हैं। वह उनकी हर जरूरत को पूरी करते हैं। जानवरों और पंक्षियों से प्यार करने वाले इस शख्स का नाम संजय सिंह है।

To love so much to animals, the house itself made mini zoo ....
mini zoo in ghazipur - फोटो : अमर उजाला

वह नगर के राजेंद्रनगर, पीरनगर वार्ड के सभासद भी हैं।वर्तमान समय में एक तरफ दुर्लभ पंक्षियां विलुप्त हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ एक घर को मिनी चिडि़याघर बना दिया गया है। यहां एक साथ कई पंक्षियों और पशुओं की आवाज एक साथ सुनने को मिल रही है। संजय को बचपन से ही बेजुबानों से लगाव है। खास तौर से उसे सफेद तोता, जावा चिडि़या, गोरैया से बेहद लगाव है। वह विभिन्न प्रजातियों के कुत्तों को भी रखते हैं।

To love so much to animals, the house itself made mini zoo ....
mini zoo in ghazipur - फोटो : अमर उजाला

वर्तमान समस में लैब्राडोर, पंग, फ्रेंच मास्टिस, जर्मन सेफल्ड कुत्ते के साथ ही चिडि़यों में काकाटीन, बजरी, लौवर्ड, लग्डेन, जावा वर्ड, गिंनीपींग आदि प्रजाति की चिडि़यों को पाले हुए हैं। यही नहीं संजय के मिनी चिडि़याघर की शोभा छह विदेशी बिल्ली, दो लंगूर बंदर, दर्जनों विदेशी चूहों, विभिन्न प्रजाति की मछलियों, कछुओं के साथ ही शाही बढ़ा रहा है। कभी-कभी तो संजय रिंग मास्टर के रूप में नजर आते हैं।

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To love so much to animals, the house itself made mini zoo ....
mini zoo in ghazipur - फोटो : अमर उजाला

वह हाथ में छड़ी लेकर कुत्तों को उठने-बैठने का आदेश देने के साथ ही विदेशी बिल्लियों और बंदरों को उछल-कूद करने का इशारा करते हैं। उनके आदेश का बेजुबानों द्वारा बड़े ही खुबसूरती से पालन किया जाता है। अपना पेट भरने की परवाह किए बगैर बेजुबानों को खाना-पानी देने, उन्हें नहलाने के साथ ही संजय उनके साथ घंटों समय बिताते है। उनके जिले से बाहर जाने पर उनकी पत्नी मरदह के पृथ्वीपुर की ग्राम प्रधान ज्योति सिंह, पुत्री आंचल सिंह, मधु सिंह, काजल सिंह और पुत्र आदित्य सिंह बेजुबानों की देख-रेख करते है।

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To love so much to animals, the house itself made mini zoo ....
mini zoo in ghazipur - फोटो : अमर उजाला

कुल मिलाकर जानवरों और पंक्षियों के प्रति संजय सिंह का यह लगाव लोगों एक बार सोचने को मजबूर कर देती है। लोग बोल पड़ते है कि शौक भी क्या चीज है। बेजुबानों से लगाव रखने वाले राजेंद्रनगर पीरनगर के सभासद संजय सिंह ने बताया कि बचपन से ही उन्हें जानवरों से प्यार है। इसीलिए उन्होंने इन्हे अपने साथ रखा है। बेजुबानों के साथ रहने और उनकी सेवा करने से उनके दिल को सुकून मिलता है। बताया कि बेजुबानों का पेट भरने, नहलाने और उनकी दवा में प्रति माह से 40 से 50 हजार रुपए खर्च होता है। बंदर को जहां चम्पक कहकर बुलाते है, वहीं बिल्लियों, कुत्तों के साथ ही चिडि़यों का भी नाम रखा है। 

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