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Sunita Williams: खतरे में हैं सुनीता विलियम्स? क्यों वापस नहीं ला पा रहा नासा, अंतरिक्ष में होता है ये असर

Tue, 13 Aug 2024 03:51 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Tue, 13 Aug 2024 03:51 PM IST
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Sunita Williams Return May Postponed To February 2025 What is Danger For Sunita Williams Nasa News
क्या खतर में हैं सुनीता विलियम्स? - फोटो : PTI

Sunita Williams: नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विल्मोर सिर्फ आठ दिन के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर गए थे। लेकिन, उनको लेकर गया बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल में आई खराबी की वजह से उनकी वापसी अभी तक नहीं हो पाई है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की तरफ से कहा जा रहा है कि सितंबर में उन्हें पृथ्वी पर लाने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, उनकी यह आठ दिन की यात्रा 8 महीने में बदल सकती है। हो सकता है दोनों अंतरिक्ष यात्री अगले साल यानी फरवरी 2025 में वापस आएं। 



बोईंग स्टारलाइनर में हीलियम लीक और थ्रस्टर्स में खराबी की वजह से सुनीता विलियम्स की वापसी में देरी हुई है। कहा जा रहा है कि सबकुछ ठीक रहा है, तो सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विल्मोर सितंबर में पृथ्वी पर वापस लाए जा सकते हैं, लेकिन नासा ने अभी तक उनकी वापसी को लेकर कोई तारीख नहीं बताई है। नासा के अधिकारी ने बीते दिनों कहा था कि हो सकता है कि दोनों अंतरिक्ष यात्री साल 2025 तक पृथ्वी पर वापस आएं। 

 

Sunita Williams Return May Postponed To February 2025 What is Danger For Sunita Williams Nasa News
सुनीता विलियम्स को क्यों वापस नहीं ला पा रहा नासा? - फोटो : NASA

क्या है नासा का आपातकालीन योजना?

अगर बोईंग स्टारलाइनर में आई दिक्कत ठीक नहीं होती है, तो टेस्ला के मालिक और अरबपति एलन मस्क की स्वामित्व वाली अंतरिक्ष कंपनी स्पेस-X के क्रू ड्रैगन मिशन के माध्यम से दोनों को धरती पर लाया जाएगा। दोनों के पृथ्वी पर वापस आने में फरवरी 2025 तक का समय लग सकता है। सुनीता और विलमोर अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद हैं और स्वस्थ हैं। दोनों शोध कर रहे हैं और अन्य अंतरिक्ष यात्रियों की अलग-अलग कामों में मदद कर रहे हैं। 
 

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सुनीता विलियम्स को क्यों वापस नहीं ला पा रहा नासा? - फोटो : NASA

सितंबर में कैसे वापस आ सकती हैं सुनीता विलियम्स?

सितंबर के महीने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर एक स्पेसक्राफ्ट जाने वाला है। इसमें भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला समेत तीन एस्ट्रोनॉट्स जाएंगे। यह 14 दिन का मिशन होगा। यह सभी अंतरिक्ष यात्री एक्सिओम-4 मिशन के तहत स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल से जाएंगे। संभावना है कि जब यह कैप्सूल वापस आएगा, तो उसमें सुनीता और वैरी वापस आएं। हालांकि, नासा ने आगे की योजना के बारे में जानकारी नहीं दी है।

 

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स्पेस में अंतरिक्ष यात्रियों पर क्या होता है असर - फोटो : NASA

अंतरिक्ष में क्या है खतरा?

अंतरिक्ष में वातावरण पृथ्वी से अलग होता है। वहां पर माइक्रोग्रैविटी, रेडिएशन का खतरा, अंतरिक्ष स्टेशनों के सीमित क्वार्टर मानव स्वास्थ्य के लिए एक चुनौती है। अंतरिक्ष स्टेशन पर अधिक समय तक रहना उनके लिए जोखिम भरा है। अंतरिक्ष यात्रियों के लिए अंतरिक्ष में तात्कालिक परिवर्तनों में एक द्रव पुनर्वितरण है। गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण शारीरिक तरल पदार्थ शरीर के ऊपर वाले भाग में पहुंचने लगते हैं। इससे चेहरे पर सूजन, नाक बंद होना और पैरों में तरल पदार्थ की कमी होने लगती है। इससे रक्त की मात्रा कम होने का खतरा रहता है और  ब्लड प्रेशर में गड़बड़ी हो सकती है।

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अंतरिक्ष से कब तक वापस आएंगी सुनीता विलियम्स? - फोटो : NASA

क्या होती है परेशानी? 

पृथ्वी पर वापस आने पर इसका असर दिखाई देता है। कुछ समय तक खड़े होने पर अंतरिक्ष यात्रियों को चक्कर आने लगते हैं और बेहोश हो जाते हैं। अंतरिक्ष में जाने वाले हर यात्री के साथ ऐसी समस्या होती है। माइक्रोग्रैविटी का मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम पर असर होता है। गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण अंतरिक्ष यात्रियों की मांशपेशियां पैरों और पीठ में विशेष तौर पर कमजोरी आती है। इसकी वजह से हड्डियों को नुकसान होता है। विशेष तौर पर रीढ़ और श्रोणि जैसी वजन उठाने वाली हड्डियों में। यांत्रिक तनाव की कमी के कारण ऑस्टियोपोरोसिस के समान हड्डियों के घनत्व में कमी आती है।

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