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क्यों नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़? नई स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, विश्व मौसम एट्रिब्यूशन ने दी चेतावनी

Thu, 17 Sep 2026 05:06 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र कुमार सिंह Updated Thu, 17 Sep 2026 05:06 PM IST
सार

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर एक नए अध्ययन में बड़ा खुलासा हुआ है। इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बाढ़ आने की कई वजहें बताई हैं। विश्व मौसम एट्रिब्यूशन (WWA) समूह के वैज्ञानिकों ने यह जानकारी दी। 

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Nepal floods Climate change played role in disaster, study finds
क्यों नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़? नई स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - फोटो : AI

नेपाल में अगस्त 2026 आखिरी में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। लैंगटांग लिरंग पर्वत पर करीब दो वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली चट्टानी दीवार और ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया, जिसके कारण तेजी से मलबे वाली बाढ़ आ गई। इससे निचले इलाके में भारी तबाही मची। इस भयानक हादसे में 1400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता है। विश्व मौसम एट्रिब्यूशन (WWA) समूह के वैज्ञानिकों ने गुरुवार को जानकारी दी कि जलवायु परिवर्तन की इस आपदा में महत्वपूर्ण भूमिका रही। 



वैज्ञानिकों ने कहा कि इलाके में तेजी से बढ़ती गर्मी ने ग्लेशियरों को मोटाई कम कर दी है। हिमालय की चट्टानों में गहरी जमी बर्फ यानी पर्माफ्रॉस्ट पिघल गई है, जिससे इससे ढलान कमजोर हो गई। हालांकि, किसी एक घटना में जलवायु परिवर्तन की सटीक भूमिका को तय करना मुश्किल है, लेकिन गर्म तापमान ने इसे ज्यादा संभव बना दिया।
 

Nepal floods Climate change played role in disaster, study finds
क्यों नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़? नई स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - फोटो : पीटीआई

आखिर क्या हुआ था? 

26 अगस्त को लैंगटांग लिरंग पहाड़ के उत्तर में लगभग 5150 मीटर ऊंचाई पर चट्टान की दीवार और ऊपर ग्लेशियर ढह गया। घाटी में लाखों टन चट्टान और बर्फ गिरी। टक्कर इतनी भयानक थी कि यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने इसे 5.2 मैग्नीट्यूड के भूकंप के बराबर ऊर्जा वाला कहा था। पहले लोगों को लगा कि भूकंप है, लेकिन बाद में जानकारी सामने आई कि इसके ढहने से भूकंपीय संकेत पैदा हुए। नदी में मलबा गिरने से अस्थाई बांध बन गया और फिर टूट गया। इससे विनाशकारी बाढ़, जो औसतन 188 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नीचे आई। बाढ़ में नेपाल और तिब्बत के कई इलाकों में घर, सड़कें और बिजली संयंत्र तबाह हो गए।

 

Nepal floods Climate change played role in disaster, study finds
क्यों नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़? नई स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - फोटो : अमर उजाला

कैसे आई विनाशकारी बाढ़?

इस बाढ़ के लिए प्राकृतिक और इंसान दोने जिम्मेदार हैं। गर्म तापमान से चट्टानें कमजोर होती हैं। इसस लंबे समय तक की स्थिरता कम होती है। इसके अलावा दरारों में भरी बर्फ पिघलती है, तो जोड़ने की शक्ति कम होती है और दरारें खुलने लगती हैं। ग्लेशियर की बर्फ कम होने पर चट्टान की दीवार को मिलने वाला सहारा हट जाता और तनाव का क्षेत्र बदल जाता है। ज्यादा बर्फ पिघलने पर पानी दरारों में घुसता है, जिससे छिद्र दबाव बढ़ता है और घर्षण कम होता है। ज्यादा बारिश होने पर ग्लेशियर और चट्टान की दीवार में पानी की मात्रा बढ़ जाती है। इससे छिद्र दबाव बढ़ाती है और संभावित रूप से विफलता को ट्रिगर कर सकती है। 

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क्यों नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़? नई स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - फोटो : ANI

कैसे जलवायु परिवर्तन ने की मदद

विश्व मौसम एट्रिब्यूशन के अध्ययन के मुताबिक, अगस्त में हिमालय इलाके का औसत तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस अधिक था। जुलाई और अगस्त रिकॉर्ड में सबसे अधिक गर्म रहे हैं। बीते अक्तूबर-नवंबर में असामान्य बर्फबारी हुई थी। तापमान बढ़ने पर बर्फ पिघली और ज्यादा पानी बना। इसने दबाव को बढ़ा दिया। साल 2000 से हर वर्ष करीब आधा मीटर ग्लेशियर पतले हो रहे हैं, जिससे तनाव बढ़ा और पर्माफ्रॉस्ट पिघलने से चट्टान की दीवार कमजोर हो गई।

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क्यों नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़? नई स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - फोटो : अमर उजाला

अध्ययन के मुताबिक, हो सकता है कि 2015 के 7.8 मैग्नीट्यूड भूकंप से भी चट्टान कमजोर हुई हो, लेकिन इसका सटीक असर साफ नहीं है। वैज्ञानिक वाल्टर इमरजील का कहना है कि ढलान भूवैज्ञानिक रूप से कमजोर थी। भूकंप से और कमजोर हो गई, लेकिन ग्लेशियर और पर्माफ्रॉस्ट के पीछे हटने तथा पिघले पानी और असामान्य गर्मी ने इसे और अस्थिर कर दिया। वैज्ञानिकों ने साफ तौर पर कहा है कि मानव जनित जलवायु परिवर्तन ने पर्माफ्रॉस्ट पिघलाने, ग्लेशियर पतला करने और बर्फ के स्थान पर बारिश बढ़ाने के माध्यम आपदा की पूर्व तैयारी में भूमिका निभाई। इसमें कोई संदेह नहीं है।

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