Solar Eclipse 2024: साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण अक्तूबर महीने में लगेगा। खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों को इसका बेसब्री से इंतजार है। यह सूर्य ग्रहण दो अक्तूबर 2024 को लगेगा, लेकिन यह पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं होगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। इस दौरान आसमान में आग का एक छ्ल्ला नजर आता है। हमारे सबसे नजदीक का सितारा सूर्य अपने स्थान पर स्थित है और धरती इसका चक्कर लगाती है।
Solar Eclipse: कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण? आसमान में दिखेगा आग का गोला, जानिए भारत में नजर आएगा या नहीं
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क्या होता है सूर्य ग्रहण
जब सूर्य और धरती के बीच चंद्रमा आ जाता है, तो चांद के पीछे सूर्य का बिंब कुछ समय के लिए पूरी तरह से ढक जाता है। इस प्रक्रिया को ही सूर्य ग्रहण लगना कहा जाता है। इस दौरान जिस जगह पर परछाई पड़ रही होगी वहां आसमान में सूर्य आधा या पूरा ढका दिखेगा। दो अक्तूबर को वलयाकार सूर्य ग्रहण लेगा। यह एक ऐसा सूर्य ग्रहण है, जिसमें धरती से चांद दूर होता है। इसलिए यह सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता है, जिससे आसमान में आग की रिंग नजर आती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आते हैं, तो सूर्य ग्रहण लगता है।
क्या है वलयाकार सूर्य ग्रहण
चंद्रमा जब धरती की परिक्रमा करता है, तो उसकी दूरी भी बदलती रहती है। कभी वह धरती के नजदीक होता है तो कभी वह दूर। जब चंद्रमा पृथ्वी के करीब होता है, तो यह हमें बड़ा दिखता है। वहीं जब यह धरती से दूर होता है तो छोटा नजर आता है।
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सूर्य ग्रहण के दौरान अगर चांद पृथ्वी के करीब होता है, तो आकार की वजह से पृथ्वी से यह हमें सूर्य को पूरी तरह ढकता नजर आता है। हालांकि, जब यह धरती से दूर होता है, तो छोटे आकार की वजह से सूर्य के बीच के हिस्से को ही ढक पाता है। सूर्य का बाकी किनारा नजर आता है, जो आसमान में आग का छल्ला बनाता है।
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क्या भारत में आएगा नजर?
बता दें कि साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भी भारत में नजर नहीं आएगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप और प्रशांत महासागर में नजर आएगा। अर्जेंटीना और चिली के कुछ हिस्सों में यह सूर्य ग्रहण नजर आ सकता है। महाद्वीप के बाकी हिस्सों में यह आंशिक रूप से नजर आएगा।