Psychology of Brutality: इन दिनों देशभर में सनसनी फैलाने वाले श्रद्धा मर्डर केस के बाद लगातार इस तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं। आए दिन देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब-करीब एक जैसे मामले देखने को मिलते हैं, जिसमें निक्की यादव मर्डर केस का नाम भी शामिल है। इसमें भी आरोपी ने बेरहमी से अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी थी। मानवता को झकझोर कर रख देने वाले इन किस्सों को सुनकर आपके मन में भी यह सवाल जरूर आता होगा कि आखिर इन लोगों के दिमाग में ऐसा क्या चलता है कि यह उस इंसान की जान लेने से पहले एक बार भी नहीं सोचते, जिससे वह सबसे ज्यादा प्यार करते हैं?
Explainer: आखिर कोई कैसे कर देता है अपने ही प्रेमी की हत्या? जानिए क्या कहता है विज्ञान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो लोगों के बीच प्रेम होने के पीछे का विज्ञान
जर्नल ऑफ कंपेरेटिव न्यूरोलॉजी की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिमाग में बनने वाले खास रसायनों के कारण दो लोगों के बीच प्रेम होता है। जब दो प्यार करने वालों के दिमाग में खास केमिकल रिएक्शन होता है, तो धीरे-धीरे दोनों हर समय एक दूसरे के बारे में सोचना शुरू कर देते हैं। साथ ही उन्हें एक दूसरे के अलावा आसपास के लोग अधिक अच्छे नहीं लगते हैं। आर्काइव ऑफ सेक्सुअल बिहेवियर जर्नल में बताया गया है कि शरीर में अधिक डोपामाइन बनने के कारण दो लोग केवल एक दूसरे के बारे में सोचने लगते हैं।
क्या सोते समय आपको भी ऊंचाई से गिरने का होता है एहसास? जानिए इसका वैज्ञानिक कारण
कैसे बढ़ने लगती है दूरियां?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोपामाइन दिमाग को लगातार एक ही व्यक्ति या दिशा में सोचने पर मजबूर करता है। इस केमिकल की वजह से दोनों प्रेमी बाकी लोगों के मुकाबले एक दूसरे के बारे में बात करना अधिक पसंद करते हैं। प्रेम करने वालों के शरीर में सेंट्रल नोरेपाइनफ्रिन केमिकल का अधिक स्राव होता है, जिसकी वजह से उनकी एक दूसरे से जुड़ी यादें रिपीट होने लगती हैं। दोनों में एक दूसरे से उम्मीद का स्तर भी सामान्य लोगों के मुकाबले काफी बढ़ जाता है। इस वजह से दोनों के बीच झगड़ा होने लगता है। दोनों के लिए प्रेमी की छोटी सी गलती को अनदेखा करना भी मुश्किल हो जाता है। इससे डोपामाइन उत्सर्जित करने वाले न्यूरॉन्स अधिक सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में प्रेमी के दिमाग का एक हिस्सा बताता है कि उसका पार्टनर अच्छा नहीं है। यही कारण है कि वह किसी तीसरे व्यक्ति की तरफ आकर्षित होने लगता है।
सांप को देखते ही क्यों भड़क जाता है नेवला, जानिए क्या है सदियों से चली आ रही इस दुश्मनी की वजह
ऑब्सेसिव बिहेवियर का कारण?
जैसे ही कोई तीसरा आता है प्रेमी को उसके मौजूदा पार्टनर में अच्छाई नजर आना बंद हो जाती है और वह नए व्यक्ति के बारे में बातें करना पसंद करने लगता है। नए प्रेमी के आने के बाद उसे पाने की चाहत या केवल उसके बारे में सोचने को ऑब्सेसिव बिहेवियर कहा जाता है। जब दिमाग में सेरोटोनिन हार्मोन के स्तर में कमी आ जाती है तो ऑब्सेसिव बिहेवियर की समस्या होने लगती है, जिसे ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (एक दिमागी बीमारी) के नाम से भी जाना जाता है।
क्यों प्रेमी कर देता है पार्टनर की हत्या?
कुछ समय बाद दो प्रेमियों का अलग होना या किसी तीसरे की तरफ आकर्षित होना सामान्य है, तो आखिर मामला हत्या तक क्यों पहुंच जाता है? मनोचिकित्सक की मानें तो किसी प्रेमी द्वारा प्रेमिका की हत्या के कई कारण हो सकते हैं। इसे किसी एक केमिकल के रिसाव से होने वाली प्रतिक्रिया के रूप में सीमित नहीं किया जा सकता है। कई बार हाइपर एंजायटी, ईर्ष्या, विवाहेत्तर संबंधों में पत्नी को प्रेमिका के बारे में पता लगने का डर, दूसरे व्यक्ति से संबंधों का शक जैसी परिस्थितियां भी इसकी एक वजह हो सकती है। हर मामले में हत्या का कारण अलग हो सकता है। लिहाजा, ऐसा कोई भी लक्षण नजर आने पर पार्टनर से सतर्क रहने में ही भलाई है।