Nasa Warning: दुनियाभर में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी से लोग परेशान हैं। यूरोप का एक हिस्सा भीषण गर्मी की चपेट में है। ठंडे मौसम के लिए पहचाने जाने वाले यूरोप और अमेरिका में इस बार रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। भारत के भी कई इलाकों में लोगों को भीषण गर्मी के प्रकोप का सामना करना पड़ा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आधिकारिक पुष्टि की है कि साल 2023 का जुलाई महीना 1880 से अभी तक का सबसे गर्म महीना था।
Nasa: नासा ने 2024 के लिए दी डराने वाली चेतावनी, अभी से हो जाएं सावधान, जानिए क्यों खौफ में है दुनिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख बिल नेल्सन ने जानकारी दी कि नासा के डेटा से पुष्टि हुई है कि अरबों लोगों ने इस साल भयानक गर्मी का सामना किया है। जुलाई सबसे गर्म महीना रिकॉर्ड किया गया है।
बिल ने बताया कि अमेरिका हो या कोई दूसरा देश। दुनिया के सभी देश जलवायु संकट का सामना कर रहे हैं। इसका विज्ञान सभी को समझना पड़ेगा। नहीं तो धरती रहने लायक नहीं बच पाएगी। हमें अपने साथ-साथ धरती और पर्यावरण को भी बचाना पड़ेगा। इस साल 3 जुलाई से लेकर 7 अगस्त तक लगातार 36 दिनों तक भीषण गर्मी पड़ी है और तापमान बढ़ा है।
Cow Attack Video: स्कूल से लौट रही बच्ची पर गाय ने किया जानलेवा हमला, वीडियो देखकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे
वायुमंडल में कार्बन उत्सर्जन और अल-नीनो ने मिलकर दुनियाभर में गर्मी बढ़ा दी है। अमेरिका से लेकर चीन तक कोई भी हिस्सा ठंडा नहीं है। तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है। चीन में गर्मी की वजह से सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। गर्मी से कनाडा, रूस, यूरोप, अफ्रीका और हवाई द्वीप के जंगलों में आग लगी और तूफान आए। दुनिया के कई हिस्सों में मॉनसूनी तूफान और बारिश से बाढ़ आई है।
Shangri La Valley: एक रहस्यमय घाटी, जहां से कभी कोई लौटकर नहीं आया
NOAA की प्रमुख सारा कैपनिक का कहना है कि जब से इंसान गर्मी का रिकॉर्ड रख रहे हैं, तब से अभी तक साल 2023 तीसरा सबसे अधिक गर्म साल था। उन्होंने कहा कि साल 2024 में अल-नीनो का असर दिखाई देगा।
World's Deepest Crater: वैज्ञानिकों ने खोजा पाताल का रास्ता! पांच सौ किमी से भी चौड़ा है दरवाजा