NASA: भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) ने नए साल के पहले ही दिन एक्सपोसैट (XPoSat) सैटेलाइट को लॉन्च किया। इसरो की इस लॉन्चिंग ने दुनिया में तहलका मचा दिया। इस मिशन के माध्यम से भारत ब्लैक होल्स और सुपरनोवा जैसी सुदूर की चीजों के बारे में पता लगाएगा। इस मिशन के लॉन्चिंग के बाद अमेरिका के बाद भारत ब्लैक होल और न्यूट्रॉन सितारों का अध्ययन करने के लिए विशेष सैटेलाइट भेजने वाला दुनिया का दूसरा देश बन गया। करीब पांच साल तक यह मिशन चलेगा।
NASA: जानिए कब सूर्य पर उतरेगा नासा का अंतरिक्ष यान? अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने किया हैरान करने वाला खुलासा
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नासा पार्कर सोलर प्रोब परियोजना के वैज्ञानिक डॉ नूर राउफी ने उस तारीख के बार में बताया है जब पहली बार को कोई अंतरिक्ष यान सूर्य पर उतरेगा। उन्होंने बताया कि 24 दिसंबर, 2024 को पार्कर सोलर प्रोब सूर्य के सबसे पास पहुंचेगा। इतने नजदीर आज तक कोई भी मानव निर्मित वस्तु नहीं पहुंची है। उस दौरान अंतरिक्ष यान 195 किलोमीटर प्रति सेकंड या 435,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ रहा होगा।
पार्कर सोलर प्रोब की स्पीड से समझा जा सकता है कि न्यूयॉर्क से लंदन सिर्फ 30 सेकेंड में पहुंच जाएगा। यह सूर्य पर उतरने जैसे होगा, क्योंकि सूर्य के तल पर जाने वाली कोई भी मशीन अब तक नहीं बनी।
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डॉ नूर राउफी का कहना है कि यह घटना 1969 की चंद्रमा पर लैंडिंग की तरह है। यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। पार्कर की इतनी तेज रफ्तार सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के कारण होगी।
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नासा ने इस मिशन को 2018 में लॉन्च किया था, जिसका मकसद सूर्य के बेहद पास से बार-बार गुजरना है। यह मिशन सूर्य के बारे में जानकारियां हासिल करने के लिए हैं। इस बार जब यह सूर्य के सबसे करीब होगा, उस समय तापमान 1,400ºC से ज्यादा होगा. इस बार पार्कर सोलर प्रोब का मकसद सूर्य के आवरण क्षेत्र के अंदर जाना और जल्दी से तापमान मापकर वापस आना है।