Hindi News
›
Photo Gallery
›
Bizarre News
›
Landslides on Mars suggest water once surrounded Olympus Mons, tallest volcano in the solar system
{"_id":"64edea08686a8837ec06ed3a","slug":"landslides-on-mars-suggest-water-once-surrounded-olympus-mons-tallest-volcano-in-the-solar-system-2023-08-29","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Mars Landslide: मंगल ग्रह के ज्वालामुखी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, हैरत में पड़े वैज्ञानिक","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
Mars Landslide: मंगल ग्रह के ज्वालामुखी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, हैरत में पड़े वैज्ञानिक
Mars Landslide: अंतरिक्ष रहस्यों से भरा हुआ है। वैज्ञानिक इन रहस्यों को जानने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे सौरमंडल में स्थित ग्रहों के बारे में अक्सर नए-नए खुलासे होते रहते हैं। अब शोधकर्ताओं ने मंगल ग्रह को लेकर एक खुलासा किया है। माना जाता है कि मंगल ग्रह पर करोड़ों साल पहले पानी था। इसके अलावा पृथ्वी की तरह महासागर भी मौजूद थे। इनमें कई तरह की थ्योरी दी जाती है। कुछ थ्योरी में कहा जाता है कि प्राचीन महासागरों से भी ऊंचे ज्वालामुखी थे।
अब इस थ्योरी को मजबूती मिल रही है। मंगल ग्रह पर स्थित सौरमंडल के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी ओलंपस मॉन्स की तस्वीरों का शोधकर्ताओं की तरफ से विश्लेषण किया है। शोधकर्ताओं ने बताया है कि पहाड़ के उत्तरी इलाके के पास लाखों साल पहले शिखर से बेहद गर्म लावा निकलने की वजह से भूमि का एक झुर्रीदार टुकड़ा संभवतः बना होगा। आइए जानते हैं कि वैज्ञानिकों ने क्या कहा है?
2 of 5
Mars Landslide
- फोटो : Pixabay
शोधकर्ता मानते हैं कि पहाड़ के आधार पर लावा बर्फ और पानी में चले गए होंगे जिसकी वजह से भू-स्खलन हुआ। इनमें कई भूस्खलन ज्वालामुखी से 1000 किमी दूर तक हुए हैं। करोड़ों सालों में कठोर होने की वजह से यह सिकुड़ गए होंगे। लेकिन मंगल ग्रह पर इस तरह की धारीदार विशेषताओं का काफी लंबे समय से शोध किया गया है। सबसे बड़ा सवाल है कि इनके निर्माण में पानी की क्या भूमिका थी? वर्तमान समय में मंगल ग्रह एक रेगिस्तानी ग्रह बन चुका है। लाल ग्रह के ध्रुवों पर बर्फ के अवशेष के अलावा पानी नहीं है।
3 of 5
Mars Landslide
- फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों ने क्या देखा
नई तस्वीरों में वैज्ञानिकों ने भूमि के टूटे टुकड़े को देखा है, जिसे लाइकस सुलसी के नाम से जाना जाता है। इसी साल जनवरी में यूरोपीय स्पेस एजेंसी के मार्स एक्सप्रेस ऑर्बिटर ने इस तस्वीर को खींची थी। यह बीते दो दशकों से मंगल ग्रह की सतह के नीचे पानी खोज रहा है।
ओलंपस मॉन्स के आसपास की विशाल चट्टानों के संबंध में जुलाई में भूवैज्ञानिक साक्ष्य मिले थे, जिसके बाद यह जानकारियां सामने आई हैं। शोधकर्ता मानते हैं कि वह चट्टानें या फिर ढलान एक प्राचीन तटरेखा के बारे में बताते हैं, जिसमें एक बड़ा गड्ढा है।
शोधकर्ताओं ने एक बयान में बताया है कि विशाल चट्टानों और भूस्खलन की वजह से यह नीचे की ओर खिसकर मैदानी इलाकों तक फैल गया। नई तस्वीरों में दिखाया गया है कि लाइकस सुल्सी ओलंपस मॉन्स से 1000 किमी की दूरी में फैला है। यह एक गड्ढे के पास जाकर रुक जाता है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।