राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार इन दिनों दो कारणों से काफी चर्चा में हैं, पहला अमित शाह से उनकी मुलाकात और दूसरा हाल ही में हुई उनकी सर्जरी। महाराष्ट्र के इस लोकप्रिय नेता की जिंदगी को अगर अच्छे से समझना हो, तो उनकी आत्मकथा ‘ऑन माय टर्म्स’ के पहले ही अध्याय की शुरुआती पंक्तियां पढ़ना काफी हैं। शरद पवार लिखते हैं कि ‘राजकाज के कामों से उनका वास्ता तब पड़ा, जब वह महज तीन दिन के थे। मां शरदबाई गोविंदराव पवार गोद में उन्हें लिए पुणे, स्थानीय निकाय की एक मीटिंग में हिस्सा ले रही थीं।’ दरअसल इस घटनाक्रम को उनकी मां ने सुनाया था।
कहानी महाराष्ट्र के लोकप्रिय नेता की: शादी से पहले पत्नी के सामने रखी थी एक संतान की शर्त
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शरद पवार कहते हैं कि राजनीति उनके खून में है। समय, मौसम और हालातों की परवाह किए बगैर आम लोगों से संपर्क में रहने की कला शरद पवार ने अपनी मां से सीखी। शरद पवार की बेटी सुप्रिया कहती हैं कि उनके बाबा (बाबा का संदर्भ पिता जी से) रात में चाहे कितने भी बजे सोएं, सुबह 7 बजे ही तैयार होकर आम लोगों से मिलना-जुलना शुरू कर देते हैं। सबसे खास बात ये है कि शरद पवार हवाई यात्राओं के बजाय ट्रेन या सड़क मार्ग से सफर करना पसंद करते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिल सकें।
करीब छह दशक से भी अधिक समय से राजनीति में सक्रिय शरद पवार अब भी सियासी उठापटक के माहिर माने जाते हैं। सियासी गलियों में शरद पवार को लेकर इस बात की काफी चर्चा है कि उनकी हां का मतलब न होता है, तो न का मतलब हां। बता दें कि 80 वर्षीय शरद पवार की हाल ही में गॉल ब्लैडर की सर्जरी हुई है। साथ ही गृहमंत्री अमित शाह से हुई उनकी मुलाकात को लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
शरद पवार और बालासाहेब एक-दूसरे के जितने धुर राजनीतिक विरोधी थे, ठीक उतने ही अच्छे दोस्त भी थे। साल 1950 में इन दोनों की दोस्ती उस समय शुरू हुई, जब ठाकरे कार्टूनिस्ट और पवार यूथ कांग्रेस में थे। साल 1966 में शिवसेना के गठन के लिए होने वाली चर्चाओं में शरद पवार भी शामिल होते थे। इतना ही नहीं इसी मित्रता के वजह से साल 2006 के राज्यसभा चुनाव में सुप्रिया के खिलाफ शिवसेना ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था।
54 साल से पवार परिवार का बारामती विधानसभा पर कब्जा
शरद पवार का जन्म पुणे के बारामती में हुआ था। उनके पिता जी एक कोऑपरेटिव सोसायटी में वरिष्ठ पद पर थे और मां स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने वाली वह इकलौती महिला थीं। पूर्व क्रिकेटर सदू शिंदे की बेटी प्रतिभा शरद पवार की पत्नी हैं। एक इंटरव्यू में प्रतिभा ने बताया था कि शादी से पहले शरद पवार ने एक ही संतान पैदा करने की शर्त रखी थी। 1967 से 90 तक शरद बारामती सीट पर काबिज रहे, उसके बाद से यह सीट उनके भतीजे अजित पवार के पास है। शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले साल 2009 से बारामती की सांसद हैं।