Kakatiya Rudreshwara Temple: भारत में एक से बढ़कर खूबसूरत और अद्भुत मंदिर हैं। इनमें कई मंदिर बेहद रहस्यमयी हैं, जिनकी चर्चा पूरी दुनिया में होती है। इन मंदिरों में काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर भी शामिल है। इस मंदिर को रामप्पा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। तेलंगाना के मुलुगु जिले के पालमपेट गांव में स्थित इस मंदिर को 1213 ईस्वी में बनाया गया था। रामप्पा मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
Kakatiya Rudreshwara Temple: भारत का अद्भुत और चमत्कारिक मंदिर, खंभे से आती है संगीत की आवाज, तैरती हैं ईंटें
40 साल में बनकर तैयार हुआ था मंदिर
इस मंदिर के मुख्य वास्तुकार प्रसिद्ध मूर्तिकार रामप्पा थे। इस मंदिर के निर्माण में 1173 से 1213 ई. तक का यानी 40 साल का समय लगा था। इस मंदिर का नाम मूर्तिकार रामप्पा के नाम पर ही रखा गया है। इस मंदिर का बलुआ पत्थर, ग्रेनाइट, डोलराइट और चूने के इस्तेमाल से निर्माण किया गया है। अपनी जटिल नक्काशी के लिए यह मंदिर जाना जाता है, जो इसकी मूर्तियों, दीवारों, स्तंभों और छतों तक पर दिखाई देती है।
मंदिर का शिखर या गोपुरम को खास ईंटों से बनाया गया है। यह ईंटें इतनी हल्की हैं कि पानी में डालने पर तैर सकती हैं। इन ईंटों का वजन 0.85 से 0.9 ग्राम/सीसी है, जिनका घनत्व पानी के घनत्व से (1 ग्राम/सीसी) कम है। इन ईंटों को बबूल की लकड़ी, भूसी और हरड़ (एक फल) के मिट्टी को मिलाकर बनाया गया है। इनको स्पंज की तरह बनाते हैं, जिसकी वजह से यह ईंटें पानी में तैरती हैं।
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खभों से सुनाई देता है संगीत
मंदिर के स्तंभ बेहद खास है। मंदिर के एक स्तंभ पर भगवान कृष्ण की मूर्ति है, जिसमें वह एक पेड़ पर बैठे हुए बांसुरी बजाते दिखाई देते हैं। यह गोपिका वस्त्रापहरण (Gopika Vastrapaharanam) की पौराणिक कहानी को दिखाता है। भगवान की मूर्ति पर टैप करने पर सप्तस्वर (सा, रे ग, म, प, ध और नि) सुनाई देता है।
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अभी नहीं देखा होगा ऐसा
मंदिर में एक नक्काशी ऐसी बनी है जिसमें बीच में तीन नर्तकियां हैं, लेकिन पैर सिर्फ चार हैं। अगर आप बीच वाली नर्तकी के शरीर को बंद कर देते हैं, तो आप दो लड़कियों को नृत्य करते हुए देख सकेंगे, लेकिन जब आप लड़कियों के शरीर को दोनों तरफ से बंद कर देते हैं, तो बीच के पैर बीच में नर्तक के पैर बन जाते हैं।