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Kakatiya Rudreshwara Temple: भारत का अद्भुत और चमत्कारिक मंदिर, खंभे से आती है संगीत की आवाज, तैरती हैं ईंटें

Thu, 21 Dec 2023 04:58 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Thu, 21 Dec 2023 04:58 PM IST
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Kakatiya Rudreshwara Temple: Facts about Telangana’s ramappa temple know about India'sUNESCO heritage site
Kakatiya Rudreshwara Temple - फोटो : Twitter @VarierSangitha

Kakatiya Rudreshwara Temple: भारत में एक से बढ़कर खूबसूरत और अद्भुत मंदिर हैं। इनमें कई मंदिर बेहद रहस्यमयी हैं, जिनकी चर्चा पूरी दुनिया में होती है। इन मंदिरों में काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर भी शामिल है। इस मंदिर को रामप्पा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। तेलंगाना के मुलुगु जिले के पालमपेट गांव में स्थित इस मंदिर को 1213 ईस्वी में बनाया गया था। रामप्पा मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। 



माना जाता है कि यह मंदिर13वीं सदी की इंजीनियरिंग का चमत्कार है। सबसे खास बात यह है कि यह मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की लिस्ट में भी शामिल है। मंदिर में कई चमत्कारिक और रहस्यमयी खूबियां है, जो लोगों को हैरत में डालती हैं। देवी-देवताओं में आस्था रखने वाले लोग मानते हैं कि यह सब भगवान की कृपा है, जबकि कई लोगों के लिए यह आश्चर्य का विषय है। आइए जानते हैं काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर के बारे में कुछ रोचक तथ्य...

 

Kakatiya Rudreshwara Temple: Facts about Telangana’s ramappa temple know about India'sUNESCO heritage site
Kakatiya Rudreshwara Temple - फोटो : Twitter@VarierSangitha

40 साल में बनकर तैयार हुआ था मंदिर

इस मंदिर के मुख्य वास्तुकार प्रसिद्ध मूर्तिकार रामप्पा थे। इस मंदिर के निर्माण में 1173 से 1213 ई. तक का यानी 40 साल का समय लगा था। इस मंदिर का नाम मूर्तिकार रामप्पा के नाम पर ही रखा गया है। इस मंदिर का बलुआ पत्थर, ग्रेनाइट, डोलराइट और चूने के इस्तेमाल से निर्माण किया गया है। अपनी जटिल नक्काशी के लिए यह मंदिर जाना जाता है, जो इसकी मूर्तियों, दीवारों, स्तंभों और छतों तक पर दिखाई देती है। 
 

Kakatiya Rudreshwara Temple: Facts about Telangana’s ramappa temple know about India'sUNESCO heritage site
Kakatiya Rudreshwara Temple - फोटो : Twitter@VarierSangitha
तैरती हैं ईंटें

मंदिर का शिखर या गोपुरम को खास ईंटों से बनाया गया है। यह ईंटें इतनी हल्की हैं कि पानी में डालने पर तैर सकती हैं। इन ईंटों का वजन 0.85 से 0.9 ग्राम/सीसी है, जिनका घनत्व पानी के घनत्व से (1 ग्राम/सीसी) कम है। इन ईंटों को बबूल की लकड़ी, भूसी और हरड़ (एक फल) के मिट्टी को मिलाकर बनाया गया है। इनको स्पंज की तरह बनाते हैं, जिसकी वजह से यह ईंटें पानी में तैरती हैं। 

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Kakatiya Rudreshwara Temple: Facts about Telangana’s ramappa temple know about India'sUNESCO heritage site
Kakatiya Rudreshwara Temple - फोटो : Twitter

खभों से सुनाई देता है संगीत

मंदिर के स्तंभ बेहद खास है। मंदिर के एक स्तंभ पर भगवान कृष्ण की मूर्ति है, जिसमें वह एक पेड़ पर बैठे हुए बांसुरी बजाते दिखाई देते हैं। यह गोपिका वस्त्रापहरण (Gopika Vastrapaharanam) की पौराणिक कहानी को दिखाता है। भगवान की मूर्ति पर टैप करने पर सप्तस्वर (सा, रे ग, म, प, ध और नि) सुनाई देता है। 

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Kakatiya Rudreshwara Temple: Facts about Telangana’s ramappa temple know about India'sUNESCO heritage site
Kakatiya Rudreshwara Temple - फोटो : Twitter

अभी नहीं देखा होगा ऐसा

मंदिर में एक नक्काशी ऐसी बनी है जिसमें बीच में तीन नर्तकियां हैं, लेकिन पैर सिर्फ चार हैं। अगर आप बीच वाली नर्तकी के शरीर को बंद कर देते हैं, तो आप दो लड़कियों को नृत्य करते हुए देख सकेंगे, लेकिन जब आप लड़कियों के शरीर को दोनों तरफ से बंद कर देते हैं, तो बीच के पैर बीच में नर्तक के पैर बन जाते हैं। 
 

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