Ajab-Gajab: महिलाओं में मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इस दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है, नहीं तो संक्रमण का खतरा रहता है। मासिक धर्म के दौरान ज्यादातर महिलाएं सैनिटरी पैड्स का इस्तेमाल करती हैं। सैनिटरी पैड्स के ऊपर पैडमैन नाम की फिल्म भी बन चुकी है, जिसमें अक्षय कुमार राधिका आप्टे मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म में सैनिटरी पैड्स के महत्व को बताया गया है।
Ajab-Gajab: महिलाओं नहीं पुरुषों के लिए बनाए गए थे सैनिटरी पैड्स, जानिए इसकी दिलचस्प कहानी
रिपोर्ट के मुताबिक, इसस पहले कोई भी सैनिटरी पैड का इस्तेमाल नहीं करता था। फ्रांस में जब सैनिकों के लिए सैनिटरी पैड बनाए गए तो, यहां पर काम करने वाली अमेरिकी नर्सों ने भी पीरियड्स के दौरान इनका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
कॉटेक्स नाम की एक कंपनी ने साल 1888 में युद्ध में इस्तेमाल किए गए पैड के आधार पर 'सैनिटरी टावल्स फॉर लेडीज' के नाम से सैनिटरी पैड बनाना शुरू किया। इससे पहले जॉनसन एंड जॉनसन ने 1886 में 'लिस्टर्स टावल्स' नाम से डिस्पोजबल नैपकिन्स बनाना शुरू कर दिया था।
इन पैड को रुई की तरह दूसरे फाइबर को अब्जॉर्बेट लाइनर से कवर करके तैयार किया जाता था, लेकिन यह पैड उस समय इतने महंगे होते थे कि महिलाओं के लिए खरीदना दूर की कौड़ी थी। लिहाजा अमीर घरों की महिलाएं ही सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती थीं।
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समय के साथ सैनिटरी नैपकिन के रूप में भी कई बदलाव हुए। आम महिलाओं के लिए भी यह धीरे-धीरे उपलब्ध होने लगे, लेकिन आज भी हमारे देश के कई इलाकों में महिलाओं के पास अच्छे सैनेटरी पैड खरीदने के लिए पैसे नहीं होते हैं और वह इसको अपनी ही सुरक्षा, जरुरत के लिए प्रयोग नहीं कर पा रही हैं।
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